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मॉडल आंसर पर निराकरण किए बगैर जारी किए नतीजे

पीएससी की प्रारंभिक परीक्षा के बाद जारी किए गए मॉडल आंसर के दो जवाबों पर आपत्ति दर्ज करवाई गई, लेकिन इसका निराकरण...

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:25 AM IST
पीएससी की प्रारंभिक परीक्षा के बाद जारी किए गए मॉडल आंसर के दो जवाबों पर आपत्ति दर्ज करवाई गई, लेकिन इसका निराकरण किए बगैर पीएससी ने नतीजे जारी कर दिए। वहीं, तीन सवाल विलोपित कर दिए गए हैं। इसके खिलाफ लगाई गई याचिका पर हाईकोर्ट ने पीएससी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

छत्तीसगढ़ पीएससी ने पीएससी के लिए नवंबर 2017 में अधिसूचना जारी की थी, इसके लिए 18 फरवरी को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई। 22 फरवरी को मॉडल आंसर जारी कर दावा-आपत्ति मंगाई। प्रारंभिक परीक्षा में शामिल विवेक गांगुली ने सेट डी के दो सवालों के जवाबों पर आपत्ति दर्ज करवाई, लेकिन इसका निराकरण नहीं किया गया। इसी तरह पीएससी ने तीन अन्य सवालों को विलोपित कर दिया। आपत्ति का निराकरण किए बगैर नतीजे जारी करने पर विवेक ने अधिवक्ता अमृतो दास और प्रज्ञा आदित्य आचार्य के जरिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई है, इसमें कहा गया है कि आपत्ति किए गए सवालों सहित तीन अन्य विलोपित सवालों के नंबर मिलने पर वह पीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास कर सकता था। प्रारंभिक सुनवाई के बाद पीएससी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

ये थे सवाल

सेट डी- 90- स्टेट की जीडीपी में सर्विस सेक्टर का कितना योगदान है?

सेट डी- 97- प्रदेश में कितने प्रयास आवासीय विद्यालय हैं?

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