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हाईकोर्ट ने कहा- 8वीं क्लास तक किसी छात्र को फेल नहीं कर सकते स्कूल

हाईकोर्ट ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत 14 वर्ष तक की आयु तक शिक्षा को मौलिक अधिकार निर्धारित किया गया है,...

Danik Bhaskar

Jul 14, 2018, 02:25 AM IST
हाईकोर्ट ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत 14 वर्ष तक की आयु तक शिक्षा को मौलिक अधिकार निर्धारित किया गया है, ऐसे में किसी छात्र को कक्षा आठवीं में फेल नहीं किया जा सकता। डीपीएस, रायपुर ने एक छात्र को 9वीं क्लास में प्रमोट नहीं किया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

रायपुर के देवेंद्र नगर में रहने वाले डॉ. अनिल खाखरिया का बेटा वत्सल 2017-18सत्र में दिल्ली पब्लिक स्कूल में क्लास-8 का छात्र था। स्कूल प्रबंधन ने कम उपस्थिति की वजह से उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी, इस पर उसने डीईओ से शिकायत की। डीईओ द्वारा 9 अप्रैल 2018 को दिए गए आदेश के बाद उसकी परीक्षा ली गई, लेकिन उसने चार पेपर दिए। संस्कृत और गणित के पर्चे में वह अनुपस्थित रहा। संस्था ने उसका नतीजा जारी किया, इसमें उसे क्लास-9 में प्रमोट नहीं किया गया। उसने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई, इसमें कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत 14 वर्ष तक की आयु तक शिक्षा को मौलिक अधिकार निर्धारित किया गया है। इसी तरह 14 वर्ष तक की आयु तक मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम की धारा 16 के तहत किसी भी छात्र को क्लास-8 तक फेल नहीं किया जा सकता। मामले पर जस्टिस संजय के अग्रवाल की बेंच में सुनवाई हुई। डीपीएस की तरफ से छात्र के 207 दिनों में से सिर्फ 11 दिन स्कूल में उपस्थित रहने की वजह से अगली क्लास में प्रमोट नहीं करने की जानकारी दी गई, लेकिन छात्र की तरफ से इसे गलत बताया गया। सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने संसद द्वारा 14 वर्ष तक की आयु तक मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा मुहैया कराने के लिए अधिनियम पारित किया गया है, इसकी धारा 16 के तहत किसी भी छात्र को प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने तक फेल नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने सप्ताहभर के भीतर छात्र को सर्टिफिकेट जारी करने के निर्देश दिए हैं।

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