बिलासपुर

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भगवान को पाने की कोई उम्र नहीं होती: आचार्य अमर

बिलासपुर | भगवान को पाने की कोई उम्र नहीं होती है। जब मन में भगवान को पाने की इच्छा जागृत हो जाएगी। हम उन्हें...

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:30 AM IST
भगवान को पाने की कोई उम्र नहीं होती: आचार्य अमर
बिलासपुर | भगवान को पाने की कोई उम्र नहीं होती है। जब मन में भगवान को पाने की इच्छा जागृत हो जाएगी। हम उन्हें प्राप्त कर सकते हैं। बस हमारी इच्छा दृढ़ होनी चाहिए। उसमें लोभ शामिल नहीं होना चाहिए। उक्त बातें गोंड़पारा स्थित सीता-राम मंदिर के पास चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के दूसरे दिन आचार्य अमर शुक्ल ने कही। उन्होंने कहा कि मां हमारी प्रथम गुरु होती है। उनकी शिक्षा ही हमें अपने जीवन के लक्ष्य को पाने में मदद करती है। ध्रुव जी के जीवन से यह साबित हुआ है। ध्रुव जी ने भगवान को 5 वर्ष की उम्र में ही प्राप्त कर लिया था, क्योंकि भगवान को पाने की उनकी दृढ़ इच्छा थी। प्रथम गुरु उनकी मां ने ध्रुव जी से कहीं थीं कि जब भी भगवान से आपका साक्षात्कार हो, उनसे केवल उनकी गोद की मांग करिएगा, क्योंकि गद्दी पाने के बाद मन बदल जाता है। गद्दी मिलने के बाद कर्म नहीं कर पाते हैं। इसलिए गद्दी का लोभ अपने मन में कभी नहीं रखना चाहिए। बुधवार को कथा में आचार्य शुक्ल ने परिक्षित जी की कथा सुनाई।

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भगवान को पाने की कोई उम्र नहीं होती: आचार्य अमर
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