Hindi News »Chhatisgarh »Bilaspur» निगम एनटीपीसी को बेचेगा सीवेज का पानी, 200 करोड़ की योजना

निगम एनटीपीसी को बेचेगा सीवेज का पानी, 200 करोड़ की योजना

नगर निगम अब सीवेज तथा नालों में बहाए जाने वाले घरों के गंदे पानी को बेचकर पैसे कमाएगा। योजना का मूल मकसद कमाई से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:30 AM IST

नगर निगम अब सीवेज तथा नालों में बहाए जाने वाले घरों के गंदे पानी को बेचकर पैसे कमाएगा। योजना का मूल मकसद कमाई से ज्यादा पानी बचाने तथा पर्यावरण की रक्षा है। इसके लिए राज्य शासन ने बिलासपुर सहित रायपुर, दुर्ग और कोरबा नगर निगम के लिए पीपीपी मॉडल पर कार्य शुरू कराने की योजना बनाई है।

चारों शहरों में सबसे पहले बिलासपुर में काम शुरू होगा। कारण यहां सीवेज प्रोजेक्ट का कार्य तकरीबन पूर्णता की ओर है और जोन 2 का प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है। चिल्हाटी स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी की निकासी भी होने लगी है। इसके अतिरिक्त नालों से होकर अरपा को प्रदूषित करने वाले गंदे पानी को भी सफाई के बाद एनटीपीसी प्लांट को भेजा जाएगा, जहां उसका इस्तेमाल बिजली संयंत्र के संचालन में होगा। एनटीपीसी सीपत के जीजीएम असीम सामंता ने दैनिक भास्कर को बताया कि निगम से पानी खरीदने के लिए सैद्धांतिक सहमति हो गई है। राजधानी रायपुर में सूडा, रायपुर ने सोमवार को औद्योगिक इकाइयों में गंदे पानी के इस्तेमाल की योजना पर महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इसमें चार शहरों के निगम आयुक्त, सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक इकाइयों के अफसर तथा सचिव नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डा.रोहित यादव शामिल थे। शासन की ओर से नियुक्त हरियाणा के कंसल्टेंट ब्लू स्टीम प्रायवेट लिमिटेड ने गंदे पानी की सफाई के बाद उद्योगों में उसका उपयोग सुनिश्चित करने के संबंध में डीपीआर पेश किया। योजना को लागू करने के लिए नगर निगम और एनटीपीसी के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर होने हैं।

मटियारी में लगेगा आरओ वॉटर प्लांट

नगर निगम कमिश्नर सौमिलरंजन चौबे ने बताया कि एनटीपीसी प्लांट को सीवेज व नालों का पानी सप्लाई करने के पहले उसकी सफाई की जाएगी। इसके लिए मटियारी में ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। इस पर 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दोमुहानी स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी को भी इसी तरीके से एनटीपीसी को सप्लाई किया जाएगा। दो चरणों में पूरी होने वाली इस योजना पर करीब 325 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

योजना के ये होंगे फायदे:कार्यपालन अभियंता पीके पंचायती के मुताबिक एनटीपीसी को बेचे जाने वाले पानी की कीमत बांध से सप्लाई होने वाले पानी की तुलना में चौगुनी होगी। एनटीपीसी सीपत को वर्तमान में हसदेव बांध की नहर से पानी सप्लाई की जा रही है। सीवेज वाटर के इस्तेमाल से सिंचाई जल की 30 से 40 फीसदी बचत की जा सकेगी। इससे पर्यावरण की रक्षा होगी तथा अमूल्य पानी को बचाने में मदद मिलेगी। वहीं गंदे पानी का इस्तेमाल एनटीपीसी में भाप को ठंडा करने में किया जा सकेगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bilaspur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×