• Hindi News
  • Chhattisgarh
  • Bilaspur
  • एसईसीएल कर्मी की पत्नी को 21 साल बाद भी नहीं दी पेंशन, कास्ट के खिलाफ अपील खारिज
--Advertisement--

एसईसीएल कर्मी की पत्नी को 21 साल बाद भी नहीं दी पेंशन, कास्ट के खिलाफ अपील खारिज

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:35 AM IST

Bilaspur News - एसईसीएल के कर्मचारी की प|ी ने 21 साल बाद भी पेंशन नहीं मिलने पर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने फरवरी 2018 में...

एसईसीएल कर्मी की पत्नी को 21 साल बाद भी नहीं दी पेंशन, कास्ट के खिलाफ अपील खारिज
एसईसीएल के कर्मचारी की प|ी ने 21 साल बाद भी पेंशन नहीं मिलने पर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने फरवरी 2018 में कोल इंडिया प्रॉविडेंट फंड आर्गनाइजेशन और एसईसीएल को 15 दिनों के भीतर 8 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए थे। साथ ही 10 हजार रुपए कास्ट लगाया था। कोल इंडिया प्रॉविडेंट फंड आर्गनाइजेशन ने इसके खिलाफ अपील की थी। चीफ जस्टिस की बेंच ने इसे खारिज कर दिया है।

एसईसीएल के तहत बैकुंठपुर एरिया में कार्यरत कन्हैया झा को 1997 में स्वास्थ्यगत रूप से नौकरी के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया, उनकी जगह उनके बेटे को नौकरी दी गई। इस बीच झा की मौत हो गई, लेकिन उनको अयोग्य घोषित करने के 21 बाद भी फैमिली पेंशन का भुगतान नहीं किया गया। इस पर उनकी प|ी बचेली देवी ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई, इसमें एसईसीएल के सीएमडी, जीएम और रीजनल कमिश्नर कोल इंडिया प्रॉविडेंट फंड को पक्षकार बनाया गया था। याचिका पर जस्टिस संजय के अग्रवाल की बेंच ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। पक्षकारों की तरफ से बताया गया कि याचिकाकर्ता को हर माह 1940 रुपए पेंशन के रूप में दिया जाना था, इसमें 2 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन की भागीदारी एसईसीएल की होती। हाईकोर्ट ने 19 फरवरी को दिए गए आदेश में 15 दिनों के भीतर 8 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ पेंशन की राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए थे। साथ ही 10 हजार रुपए कास्ट भी किया गया था, यह राशि भी याचिकाकर्ता को ही दी जानी थी। रीजनल कमिश्नर कोल इंडिया प्रॉविडेंट फंड आर्गनाइजेशन ने 10 हजार रुपए कास्ट को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी।

संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अधिकार

अपील पर हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट के जज को कास्ट लगाने के अधिकार के बिंदु पर विचार करते हुए कहा है कि इस अनुच्छेद के तहत जज को कास्ट लगाने का अधिकार है। यह भी जरूरी है कि लगाए गए कास्ट का लाभ मुकदमा जीतने वाले पक्षकार को ही दिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा है कि न्याय के नजरिए से सिंगल बेंच के आदेश को कोई त्रुटि नहीं है, इस आधार पर अपील खारिज कर दी गई है।

X
एसईसीएल कर्मी की पत्नी को 21 साल बाद भी नहीं दी पेंशन, कास्ट के खिलाफ अपील खारिज
Astrology

Recommended

Click to listen..