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तनाव जीवन का अनिवार्य हिस्सा है इससे हमें बचना चाहिए: डॉ. जैन

एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर हम अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं हैं। हमारा ध्यान हमारे स्वास्थ्य पर नहीं...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:35 AM IST

तनाव जीवन का अनिवार्य हिस्सा है इससे हमें बचना चाहिए: डॉ. जैन
एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर

हम अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं हैं। हमारा ध्यान हमारे स्वास्थ्य पर नहीं होता। तनाव मानव जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन गया है। लेकिन सकारात्मक तनाव तो ठीक है, पर नकारात्मक तनाव से बचना चाहिए। बीच-बीच में हमें अपनी मनोस्थिति का आंकलन करना चाहिए। इसके लिए सन् 1980 से पूरे देश में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम चल रहा है। आत्महत्या के ज्यादातर मामले 30 से कम उम्र के लोगों के है। इन परिस्थितियों में छात्र-छात्राओं का मनोबल बनाए रखने के लिए उन्हें प्रेरित करने की आवश्यकता है। उक्त बातें सीयू में चल रहे तनाव प्रबंधन की कार्यशाला में मुख्य अतिथि डॉ. सुमी जैन ने कही।

गुरू घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में शिक्षकों के लिए तनाव प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की राज्य समन्वयक डॉ. सुमी जैन ने की। कार्यक्रम का आयोजन ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग के पुस्तकालय हाॅल में किया गया। मुख्य समन्वयक प्रो. प्रतिभा जे. मिश्रा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सेंदरी स्थित राज्य मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सालय के सहयोग से तनाव प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन यूनिवर्सिटी में किया जा रहा है। तनाव प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के लिए है। यूनिवर्सिटी के 50 शिक्षकों का विभिन्न खेलों के माध्यम से तनाव प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर नीरज शुक्ला क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, राज्य मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सालय सेंदरी, प्रशांत पाण्डेय डीएचएमपी (प्रशिक्षक), एंइजिला मनोचिकित्सक उपस्थित थे। कार्यक्रम संचालन व आभार प्रदर्शन डॉ. पायल बैनर्जी ने किया।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्रों को तनाव से दूर रखने प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

भागना किसी समस्या का हल नहीं है: डॉ. होतचंदानी

विशिष्ट अतिथि डॉ. होतचंदानी अधीक्षक राज्य मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सालय सेंदरी ने कहा कि गुरु का जीवन में बहुत ज्यादा महत्व है। शास्त्रों में भी गुरु की महत्ता प्रतिपादित की गई है। यह सत्य है कि गुरु बिना ज्ञान नहीं मिलता। जीवन के कुशल प्रबंधन से तनाव को नियंत्रित किया जा सकता है। आवश्यकताएं सीमित हैं, पर इच्छाएं अनंत हैं। बुरे समय में धैर्य की जरूरत पड़ती है। भागना किसी समस्या का हल नहीं है। इसलिए परिस्थितियों का सामना करें।

ट्रेनिंग ऑन सुसाइड प्रिवेंशन पर व्याख्यान आज

सीयू में 17 अप्रैल को छात्र-छात्राओं के लिए गेट कीपर ट्रेनिंग आन सुसाइड प्रीवेंशन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन सुबह 11 बजे ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग में होगा। इसके मुख्य अतिथि राज्य मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सालय के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. बीआर नंदा होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि डाॅ. होतचंदानी हैं।

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