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फूड अफसरों को कलेक्टर का नोटिस, सीएमएचओ बने जांच अधिकारी, एडीएम ने की पूछताछ

बिलासपुर के फूड अफसरों को कलेक्टर ने नोटिस भेजा है। उनसे कथित चार व्यापारियों द्वारा 15 लाख मांगने की शिकायत पर...

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 03:15 AM IST
फूड अफसरों को कलेक्टर का नोटिस, सीएमएचओ बने जांच अधिकारी, एडीएम ने की पूछताछ
बिलासपुर के फूड अफसरों को कलेक्टर ने नोटिस भेजा है। उनसे कथित चार व्यापारियों द्वारा 15 लाख मांगने की शिकायत पर स्पष्टीकरण देने की बात है। इसके अलावा मामले में सीएमएचओ को जांच अधिकारी बनाया गया है। एडीएम ने भी मामले में दोनों अधिकारियों को बुलावाकर पूछताछ की है। अफसरों का कहना है कि वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।

गौरतलब है कि बिलासपुर के चार कथित व्यापारियों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के दो बड़े अफसरों पर संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर कहा है कि उन्हें मंत्री और सचिव तक पैसा पहुंचाने का भय दिखाकर पैसों के लिए तंग किया जा रहा है। होली और दिवाली में ये अधिकारी 15 से 20 लाख रुपयों की मांग करते हैं। नहीं देने पर सैंपल फेल कराने और जुर्माना लगाने की धमकियां मिलती है। इससे वे परेशान हो चुके हैं। इसके चलते उन्होंने इन अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र विन्ध्यराज और इंस्पेक्टर रोहित बेहरा पर लगे हैं। शिकायतकर्ता किशन डोडवानी, राकेश राठौर, मोहम्मद रजा और एम वेंंकटेश ने ये चिट्‌ठी लिखी है। उन्होंने बताया है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की बड़ी पहुंच है। इसके चलते ही कोई अफसर इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। यहां पदस्थ दोनों अधिकारी हर त्यौहार में रुपयों की मांग करते हैं। विभागीय मंत्री तक पैसा पहुंचाने की बात कहते हैं। साथ ही सेक्रेटरी का उल्लेख भी करते हैं और कहते हैं कि हमें यहां जरूरत के मुताबिक पैसा भेजना पड़ता है। इसके कारण कुछ व्यापारी ज्यादा परेशान हो चुके हैं। इसलिए उन्होंने भ्रष्टाचार से मुक्त करने की मांग की है। ये चिट्‌ठी कलेक्टोरेट पहुंच चुकी है। अफसरों का कहना है कि मामले में जल्द जांच शुरू होगी। जिन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पर ये आरोप है कि वे साफतौर पर इस पत्र को झूठा करार दे रहे हैं। उनके मुताबिक उन्होंने पिछले कुछ महीनों में बड़े दुकानों पर जांच और कार्रवाई की है। वे ही पीछे पड़े हैं। इसके कारण सबकुछ झूठ और बेबुनियाद है। मामले में जांच अधिकारी सीएमएओ बीबी बोर्डे को बनाया गया है। इसके अलावा एडीएम डीएस उइके ने भी मामले में अधिकारियों से पूछताछ की है। फूड अधिकारियों का कहना था कि उन्होंने पिछले कई महीनों से लगातार कार्रवाई की है। इससे ही कुछ व्यापारी चिढ़े हुए हैं। उन्होंने ये शिकायत करवाई है, जो झूठी और बेनबुनियाद है। अफसरों के मुताबिक सीएमएचओ के आते ही नई टीम बनेगी। जो लगातार कार्रवाई होगी। मिलावटखोरी के खिलाफ उनकी ये जांच और कार्रवाई जारी रहेगी। वे किसी भी हाल में गड़बड़ी करने वालों को नहीं बख्शेंगे।

16 मई को प्रकाशित खबर।

बिलासपुर में जांच दबाने का चल रहा खेल

कुछ व्यापारियों ने आरोप लगाए हैं कि बिलासपुर में जांच को दबाने का खेल चल रहा है। यहां कुछ अधिकारी जांच के नाम पर संबंधित अफसरों से कमीशन लेकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। इससे उन आरोपी अधिकारियों का मामला चल निकलता है, जिनके ऊपर कई तरह के दाग होते हैं। इसकी शिकायत भी कलेक्टर से हुई है। कलेक्टर ने मामले में जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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