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नया कानून: दुकानों में रखा बर्फ खाने योग्य नहीं तो रंग चढ़ाइए, नहीं तो कार्रवाई

Bilaspur News - आशीष दुबे | बिलासपुर 99079-01010 भारत सरकार ने पेय पदार्थाें में चल रहे गंदे बर्फ के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मंशा से नया...

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 03:15 AM IST
नया कानून: दुकानों में रखा बर्फ खाने योग्य नहीं तो रंग चढ़ाइए, नहीं तो कार्रवाई
आशीष दुबे | बिलासपुर 99079-01010

भारत सरकार ने पेय पदार्थाें में चल रहे गंदे बर्फ के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मंशा से नया कानून तैयार किया है। उन्होंने हर राज्य में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों से चिट्‌ठी लिखवाकर दुकानदारों से इस निर्देश का पालन कराने की बात कही है। इसके मुताबिक अब दुकानों में रखा बर्फ खाने योग्य नहीं होने पर इनमें रंग चढ़ाकर रखने के निर्देश जारी किए हैं। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ सीधे कार्रवाई की बात लिखी गई है। बिलासपुर में ये व्यवस्था इसी महीने से लागू करने की बात है। फूड अफसरों ने ऐसा नहीं करने पर दुकानदारों को कार्रवाई की चेतावनी दी है।

यदि किसी भी दुकानदार ने दुकान में रखे बर्फ पर इस निर्देश का पालन नहीं किया तो उसे भी बिकने वाले श्रेणी में रखा जाएगा। फूड अधिकारी सीधे तौर पर कार्रवाई के लिए सक्षम होंगे। अब तक दुकानों में जांच या कार्रवाई के दौरान दुकानदार इसे लेकर कई तरह के बहानेबाजी करते रहे हैं। फूड अधिकारी देंवेंद्र विन्ध्यराज के मुताबिक बिलासपुर में इस बात को लेकर कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ चुका है। गुणवत्ताहीन बर्फ की शिकायत पर जब वे दुकानों का जायजा लेने पहुंचते तो दुकानदार कार्रवाई के दौरान विवाद करने लगते। साथ ही वे यह भी कहते है कि उन्होंने इसे जानवरों में इस्तेमाल सहित दूसरों कामों के लिए रखा है। इसके कारण तकलीफ होती। हैरानी की बात यह है कि बिलासपुर सहित तमाम जिलों में बर्फ का कारोबार खुलेआम चल रहा है। अभी तक इसके मापदंड तय नहीं है। सबसे बड़ी बात यह कि बिलासपुर में किसी भी बर्फ के कारोबारी पर गुजरे सालों के दौरान किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यही वजह है कि नए नियम के बाद लोगों तक गुणवत्तायुक्त बर्फ पहुंचेगा और उनकी सेहत से खिलवाड़ का कारोबार बंद हो सकेगा।

गंदे बर्फ के इस्तेमाल से बढ़ रहे पीलिया, डायरिया, हैजा और दूसरे संक्रामक रोग के मरीज

गांव की गलियों से शहर के बीचों-बीच बिक रहे आइस

अब तक नियम कानून के पेेंच में फूड एंव सेफ्टी अफसरों को कार्रवाई के लिए तकलीफ होती थी। इसलिए गांव की गलियों से शहर के बीच पेय पदार्थों में किसी भी तरह के बर्फ का इस्तेमाल जारी था। कई बार इसमें कीड़े निकलने और दूसरी शिकायतें आम हो चुकी थीं। फिर भी सब यूं ही चल रहा था। पर अब ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई के प्रावधान बनाए जा रहे हैं।

पीलिया, डायरिया और हैजा के कारण भी, इसलिए ऐहतियात

इंसान के शरीर में पीलिया, डायरिया और हैजा के बैक्टीरिया पेय पदार्थाें से प्रवेश करते हैं। अफसर गंदे बर्फ को भी इसका कारण मानते हैं। उनके मुताबिक इसे बिना जांच के गन्ने का रस, शादी पार्टी के दौरान पानी में बर्फ का इस्तेमाल, गर्मी के मौसम में जूस सहित दूसरे पेय पदार्थाें में किया जाता है। ये कभी भी घातक बन सकता है। नए नियम के बाद काफी हद तक इसका गंदे बर्फ का इस्तेमाल बंद होगा।

इसी महीने से लागू करेंगे नई व्यवस्था


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