Hindi News »Chhatisgarh »Bilaspur» ग्रामीण से 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने वाले खनिज निरीक्षक खांडेकर को चार साल सजा

ग्रामीण से 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने वाले खनिज निरीक्षक खांडेकर को चार साल सजा

ईंट भट्ठे के संचालन की अनुमति देने के नाम पर ग्रामीण से 10 हजार रुपए रिश्वत लेने वाले बिलासपुर खनिज विभाग के खनिज...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 17, 2018, 03:15 AM IST

ग्रामीण से 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने वाले खनिज निरीक्षक खांडेकर को चार साल सजा
ईंट भट्ठे के संचालन की अनुमति देने के नाम पर ग्रामीण से 10 हजार रुपए रिश्वत लेने वाले बिलासपुर खनिज विभाग के खनिज निरीक्षक आरोपी ओमप्रकाश खांडेकर को चार साल की सजा हुई है। बुधवार काे जिला एवं सत्र न्यायालय के विशेष न्यायाधीश केआर रिगरी की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने आरोपी को 50 हजार रुपए जुर्माना भरने के भी आदेश दिए। वहां से आरोपी को जेल भेज दिया। शासन की ओर से केएल अग्रवाल ने कोर्ट में दस्तावेज पेश किए।

कोटा विकासखंड के अंतर्गत शामिल ग्राम पंचायत दारसागर निवासी जमील अंसारी पिता सतबीर अंसारी 45 वर्ष घर बनाने के लिए ईंट भट्ठे में ईंट बना रहा था। इसकी जानकारी खनिज विभाग के माइनिंग इंस्पेक्टर आरोपी ओपी खांडेकर को पता चली। फिर वह 17 मार्च 2017 को जांच करने ईंट भट्ठे पहुंच गए और पीड़ित से भट्ठे संचालन के लिए शासन से अनुमति लेने के संबंध में पूछताछ की। ग्रामीण के पास अनुमति पत्र नहीं था। इसके बाद आरोपी खांडेकर ने पैसे की मांग की। पीड़ित ने उन्हें तत्काल पांच हजार रुपए दे दिए। फिर आरोपी ने उसे कार्यालय में मिलने के लिए बुलाया। अगले दिन शिकायतकर्ता कार्यालय पहुंचा। ईट भट्ठे के संचालन की अनुमति देने का झांसा देकर आरोपी ने फिर से 10 हजार रुपए की मांग की। पीड़ित ने 10 हजार रुपए फिर से दे दिए। इसके बावजूद उसे अनुमति नहीं मिली और अनुमति के लिए फिर से 10 हजार रुपए की मांग की गई। इसके बाद पीड़ित ने 12 अप्रैल 2017 को एसीबी कार्यालय में लिखित में शिकायत दर्ज करवाई। एसीबी की टीम ने 13 अप्रैल 2017 को उसे पैसे के साथ खनिज विभाग के कार्यालय भेजा। पीड़ित खनिज विभाग कार्यालय में आरोपी खांडेकर को 10 हजार रुपए देकर बाहर आया। इसके बाद एसीबी की टीम ने आरोपी ओपी खांडेकर को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।

ओपी खांडेकर

खांडेकर ने ऑफिस के ही लोगों द्वारा फंसाने का आरोप लगाया था

बिलासपुर | 13 अप्रैल 2017 को बिल्हा इलाके के ग्राम पंचायत सेंवार के लोक सुराज शिविर से लौटे जिला खनिज अधिकारी आर.मालवे को रबड़ी खिलाने के कुछ ही घंटे बाद ट्रैप हो गए थे माइनिंग इंस्पेक्टर ओपी खांडेकर। 27 नवंबर 2015 को कबीरधाम से जिले से आकर माइनिंग इंस्पेक्टर खांडेकर ने बिलासपुर खनिज कार्यालय ज्वाइन किया था। तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर कुंदन कुमार बंजारे ने उन्हें कई माह तक कोई जिम्मा नहीं सौंपा। बंजारे खांडेकर को उड़नदस्ते के तौर पर उपयोग करते रहे। बंजारे के इशारे पर खांडेकर ने छापेमारी कर कई नामचीन लोगों के अवैध उत्खनन का खुलासा किया और उनके वाहन भी जब्त किए। खांडेकर के खिलाफ लेन-देन की शिकायतें मिली पर बंजारे ने सब दबा दिया। बाद में उन्हें एरिया मिला लेकिन खांडेकर उसी एंटी करप्शन ब्यूरो के हत्थे चढ़ गए जिसके जाल में उनके साहब बंजारे फंसे थे। बता दें कि 3 जून 2016 को एंटी करप्शन ब्यूरो ने डिप्टी डायरेक्टर बंजारे के शांतिनगर स्थित सिद्ध शिखर अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 301 में छापेमारी कर बेशकीमती जमीन व मकानों के कागजात जब्त किए थे।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bilaspur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×