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साॅफ्टवेयर में छात्रों के लिए गलती सुधारने के मौके

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 03:15 AM IST

Bilaspur News - एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर उच्च शिक्षा विभाग ने इस वर्ष सभी यूनिवर्सिटी को आदेश जारी कर कहा कि चिप्स से ऑनलाइन...

साॅफ्टवेयर में छात्रों के लिए गलती सुधारने के मौके
एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर

उच्च शिक्षा विभाग ने इस वर्ष सभी यूनिवर्सिटी को आदेश जारी कर कहा कि चिप्स से ऑनलाइन एडमिशन नहीं कराया जाएगा। यूनिवर्सिटी अपना खुद का पोर्टल तैयार कर छात्रों का ऑनलाइन एडमिशन कराए। उच्च शिक्षा विभाग का आदेश आने के बाद बिलासपुर यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों में एडमिशन के लिए कमेटी बनाकर तैयारी शुरू कर दी है। बिलासपुर यूनिवर्सिटी ऑनलाइन एडमिशन के लिए साॅफ्टवेयर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी के पास 14 दिन शेष बचे हैं। 1 जून से संबद्ध कॉलेजाें में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू करनी है। अभी तक यूनिवर्सिटी खुद ही नियम नहीं बनाई पाई है कि किस इस वर्ष एडमिशन की प्रक्रिया क्या होगी। वहीं यूनिवर्सिटी अभी तक कॉलेजों को भी एडमिशन प्रक्रिया का कोई निर्देश जारी नहीं किया और ना ही प्राचार्यों की बैठक ली है। ऐसे में छात्र कॉलेजों का चक्कर लगा रहे हैं।

एक जून से शुरू होनी है बीयू से संबद्ध कॉलेजों में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया

पिछले वर्ष की गलती सुधरवाने अभी तक छात्र लगा रहे चक्कर

बिलासपुर यूनिवर्सिटी पिछले वर्ष चिप्स द्वारा ऑनलाइन एडमिशन करवाई थी। छात्रों ने 50 रुपए देकर रजिस्ट्रेशन करवाया था। इसके बाद वे विभिन्न कॉलेजों में फार्म भरा था। इसमें अधिकांश छात्रों ने फार्म कैफे से भरवाया। इसके कारण उनका नाम, पिता, माता का नाम गलत हो गया, जो अभी तक नहीं सुधर पाया है। इसके अलावा कॉलेजों ने भी छात्रों से बुकलेट के नाम पर 300 रुपए तक वसूले। वहीं कॉलेजों ने जिन छात्रों का एडमिशन लेना था, उनका मेरिट लिस्ट जारी किया। कई छात्र ऐसे फार्म भर दिए थे, जिनकी उस विषय में उम्र ही खत्म हो गई थी। बिना ग्रुप विषय के ही छात्रों ने फार्म भर दिया था। जिससे परीक्षा में परेशानी हुई।

सारी समस्याएं होंगी दूर: टंडन

बीयू में एडमिशन के लिए सॉफ्टवेयर सहायक कुलसचिव सीएचएल टंडन के निर्देशन में तैयार हो रहा है। दैनिक भास्कर ने सहायक कुलसचिव टंडन को पिछले वर्ष हुई छात्रों की परेशानी को बताया और नए साफ्टवेयर में उस परेशानियों को दूर करने कहा। इस पर सहायक कुलसचिव ने कहा कि छात्रों को गलती सुधारने ऑप्शन दिया जाएगा। वहीं छात्रों के नाम में गलती न हो इसके लिए छग माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से डाटा मंगाया जा रहा है। इसके अलावा साफ्टवेयर में फिक्स कर दिया जाएगा कि छात्र ग्रुप के हिसाब से ही फार्म भर पाएं। बीसीए में 40 प्रतिशत से कम वाले छात्रों का फार्म अपलोड नहीं होगा। जिस विषय फार्म भरने जिस छात्र की एलिजिबलिटी होगी, वही भर पाएगा। वहीं इस बार ओवर ऑल मेरिट लिस्ट यूनिवर्सिटी ही जारी करेगी।

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