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स्कूल के अतिरिक्त कक्ष का काम 10 साल से अधूरा, मिडिल स्कूल में लग रहीं कक्षाएं

ग्राम पंचायत कटकोना में लोगों के मांग के बाद शिक्षा सत्र 2015-16 में हाईस्कूल के संचालन की स्वीकृति मिल गई थी और नवीन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 14, 2018, 03:05 AM IST

स्कूल के अतिरिक्त कक्ष का काम 10 साल से अधूरा, मिडिल स्कूल में लग रहीं कक्षाएं
ग्राम पंचायत कटकोना में लोगों के मांग के बाद शिक्षा सत्र 2015-16 में हाईस्कूल के संचालन की स्वीकृति मिल गई थी और नवीन शिक्षा सत्र 2018-19 में हायर सेकंडरी की मान्यता मिली। स्कूल में कक्षाएं तो शुरू हो गईं, लेकिन अब भवन नहीं बन सका है। जिससे कक्षाएं मिडिल स्कूल में लगाना पड़ रही हैं। मिडिल स्कूल कटकोना की बिल्डिंग में छठवीं, सातवीं कक्षा के बच्चों को एक कमरे में रखकर एक कमरा खाली करा नवीं की कक्षा संचालित हो रही हैं। वहीं एक अतिरिक्त कक्ष में 10 वीं की कक्षा संचालित हो रही। 11वीं जैसे-तैसे कक्षा का संचालन किया जा रहा है।

हाईस्कूल के मान्यता मिले दो साल पूरे हो चुके पर इन दो साल में नए भवन की स्वीकृति नहीं मिली। जबकि स्कूल प्रबंधन की ओर से नए भवन की मांग की जा चुकी है। विडंबना यह है कि पहले से ही माध्यमिक स्कूल के कमरे उधार में मांगकर हाईस्कूल की कक्षा लगाई जा रही थीं। लेकिन समस्या यह है कि बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त कमरे नहीं हैं। ऐसे में अभी तक हाईस्कूल व हायर सेकंडरी बिल्डिंग की स्वीकृति नहीं मिलने से शिक्षकों सहित विद्यार्थियों की पढ़ाई में दिक्कत आना शुरू हो गई।

हाईस्कूल व हायर सेकंडरी का संचालन शुरू, पर नहीं है बिल्डिंग

अतिरिक्त कक्ष का निर्माण 10 वर्षों से पड़ा है अधूरा।

कटकोना में कई वर्षों से हाई स्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल की मांग की जा रही थी। एक बार इसकी मान्यता करीब 6 साल पहले मिली थी, पर उसे बरदिया स्थानांतरित कर दिया गया था। अब जाकर कटकोना को हाई व हायर सेकंडरी की मान्यता मिलने के बाद बच्चों व परिजनों में उत्साह देखने को मिल रहा है। नवीं में 35, 10 वीं 20 व 11 वीं के प्रथम वर्ष में ही विज्ञान व गणित के संकाय के लिए 25 विद्यार्थी ने प्रवेश ले चुके हैं।

हाई व हायर सेकंडरी की मान्यता से क्षेत्र में राहत

अतिरिक्त कक्ष समय पर बना होता तो परेशानी कुछ कम हो जाती। करीब 10 साल पहले पंचायत को अतिरिक्त कक्ष बनाने को दिया गया था, जो आज तक अधूरा पड़ा है। यदि आज वो कक्ष पूर्ण हो गया होता तो बच्चों को बैठने के लिए जगह मिल जाती और परेशानी कम हो जाती। इस अतिरिक्त कक्ष में 4 कमरे बनने थे, जो आधे-अधूरे बनाकर छोड़ दिए गए। इसकी शिकायत कई बार कलेक्टर से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

10 साल से स्कूल के अतिरिक्त कक्ष पड़े अधूरा

इस संबंध में स्कूल प्राचार्य जीत राय सिंह का कहना है कि यहां पर बच्चों की संख्या बढ़ रही है। रोज नए विद्यार्थी प्रवेश लेने आ रहे हैं। पर समस्या यह है कि बच्चों के बैठने के लिए व्यवस्था नहीं है। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ पीण्ल वर्मा का कहना है कि पिछले बजट में ही नए भवन के लिए प्रस्ताव आया था। हमने 95 लाख का एस्टीमेट बनाकर भेज दिया है, पर अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिली है।

बच्चों के बैठने की नहीं है व्यवस्था, होती है दिक्कत

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