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गड्‌ढे से निकाली गई हथिनी को पैरों पर खड़ा करने सिंकाई और मसाज

हथिनी पद्मावती की हालत पहले से सुधरी तो है लेकिन अभी भी वह अपने पैरों पर नहीं खड़ी हो पा रही है।

Danik Bhaskar | Nov 17, 2017, 06:46 AM IST

अंबिकापुर(बिलासपुर)। हथिनी पद्मावती की हालत पहले से सुधरी तो है लेकिन अभी भी वह अपने पैरों पर नहीं खड़ी हो पा रही है। तमोर पिंगला अभयारण्य स्थित एिलफेंट रेस्क्यू सेंटर में दूसरे दिन भी डाक्टरों की टीम उसके इलाज में जुटी रही। स्लाइन चढ़ाने के अलावा उसे दर्द निवारक इंजेक्शन भी लगाए गए। कई प्रकार के तेलों के मिश्रण से उसकी सेंकाई एवं मसाज भी किया जा रहा है।

- नवाधक्की इलाके में रविवार रात एक सूखे कुएं में गिरने के 40 घंटे बाद रेस्क्यू आपरेशन चलाकर हथिनी को बाहर निकाला गया था। उसके दोनों पिछले पैरों में गंभीर चोट आई थी। उसे तमोर पिंगला के एलिफेंट रेस्क्यू सेंेटर में रखकर उपचार किया जा रहा है।

- डा. विजय शरण सिंह एवं डा. शंभू पटेल की निगरानी में वन विभाग की टीम इलाज में जुटी है। गुरुवार को उसे चार बार स्लाइन चढ़ाया गया। दर्द से राहत दिलाने न्यूरोबियान के इंजेक्शन भी लगाया। साथ ही नीम के तेल में गुगुल व लहसुन को पकाकर हथिनी के पिछले हिस्से की सेंकाई भी की गई। इधर वन विभाग ने कर्नाटक के वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट वीएन सिंह से भी मदद मांगी है।