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भागवत महापुराण ऐसी गंगा है, जिसका श्रवण मानव के लिए मोक्ष दायक: अानंद

वेस्ट चिरमिरी पोड़ी में संगीतमय श्रीमद् भागवत ज्ञान कथा का शुभारंभ बुधवार को हुआ। व्यासपीठ से वृंदावन से पधारे...

Danik Bhaskar | May 03, 2018, 02:30 AM IST
वेस्ट चिरमिरी पोड़ी में संगीतमय श्रीमद् भागवत ज्ञान कथा का शुभारंभ बुधवार को हुआ। व्यासपीठ से वृंदावन से पधारे बाल व्यास आनंद कृष्ण शास्त्री महाराज कथा का वाचन कर रहे हैंै। स्थानीय महिला समिति की तरफ से आयोजन दुर्गा पूजा पंडाल में किया जा रहा है। कथा का समापन 9 मई को हवन व प्रसाद वितरण के साथ होगा। प्रतिदिन शाम 4 से 8 बजे तक भागवत महात्म् की कथा सुनाई जा रही है।

बुधवार को कथा स्थल पूजन के पश्चात महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली । भागवत महत्व के बारे में बताते हुए बाल व्यास ने कहा गया कि महर्षि वेदव्यास रचित भागवत महापुराण एक ऐसी गंगा है, जिसका आयोजन अध्ययन वाचन तथा श्रवण मानव मात्र के लिए कल्याणकारी तथा मोक्ष दायक है। श्रीमद् भागवत ब्रह्म स्वरूप हैै। सनातन धर्म में कुल चार वेद 18 पुराण तथा 9 शास्त्र है, इन्हीं महान दिग्दर्शक ग्रंथों में श्रीमद् जिसे शास्त्र अनुसार संम्पुट कहा जाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक राजा का शीश बिना मुकुट के अपूर्ण रहता है उसी प्रकार श्रीमद् शब्द का प्रयोग किसी भी शास्त्र के आगे लगने से उसकी महत्ता बढ़ जाती है, इससे प्रतीत होता है। कथा में गुरुवार को भीष्म प्रतिज्ञा, सती चरित्र, 4 मई को शंकर पार्वती विवाह, भक्त प्रहलाद चरित्र, 5 मई को वामन अवतार, राम राज्य, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 6 मई को गोवर्धन पूजा, कृष्ण बाल लीला, 7 मई को कंस वध रुकमणी विवाह रस गरबा, 8 मई को परीक्षित मोक्ष, सुदामा चरित्र, सहस्त्रधारा कथा एवं 9 मई को हवन एवं प्रसाद वितरण के साथ कथा का समापन होगा।