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भानुप्रतापपुर तक रेल चलने से विकास की आस

गुदुम से भानुप्रतापपुर तक रेल सेवा शुरू होने से दल्लीराजहरा का विकास भी होगा। भविष्य में रेल लाइन जगदलपुर से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:40 AM IST

भानुप्रतापपुर तक रेल चलने से विकास की आस
गुदुम से भानुप्रतापपुर तक रेल सेवा शुरू होने से दल्लीराजहरा का विकास भी होगा। भविष्य में रेल लाइन जगदलपुर से जोड़ने के बाद आने-जाने वालों की संख्या बढ़ेगी। वहीं रोजगार के अवसर पर बढ़ेंगे।

तीन दशक पहले दल्ली व राजहरा माइंस के काम चलने से जहां जनसंख्या में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ रोजगार के साधन बढ़े थे। लेकिन नगर में लगातार घटती जनसंख्या, बढ़ती बेरोजगारी, घटते व्यापार,सुविधाओं के विस्तार में हो रही अनदेखी से जिले का सबसे बड़ा शहर होने के बावजूद दल्लीराजहरा की पहचान एक औद्योगिक नगरी के रूप में होनी चाहिए थी। दल्लीराजहरा और महामाया माइंस क्षेत्र जहां के खदानों में खनन कर बीएसपी करोड़ों रुपए कमाता है। हर वर्ष करोड़ों रुपए की रायल्टी राज्य व केंद्र सरकार को मिलती है। उसका बड़ा हिस्सा उसके विकास पर खर्च किए जाने के निर्णय के बाद माइनिंग क्षेत्रों के निवासरत लोगों को एक उम्मीद की आस जगी थी। अभी तक जिस गति से नगर का विकास कार्य होना था वह नहीं हो पाया है। दल्लीराजहरा में दो दशक पूर्व में 1 लाख 8 हजार की जनसंख्या अब घटकर 44 हजार 368 तक पहुंच चुकी है। महामाया में 12 हजार की जनसंख्या वर्तमान में सिमटकर 1 हजार हो गई है। यहां के लोगों को पीने के पानी से लेकर स्वास्थ्य, रोजगार, जमीन आदि सुविधाएं नहीं मिल पाई है।

अब दल्लीराजहरा में विकास के साथ रोजगार के साधन बढ़ेंगे, अमचूर, इमली, लाख व धान की कीमत में अंतर आएगा

दल्लीराजहरा. अब गुदुम से आगे भानप्रतापपुर तक ट्रेन चलने लगी है।

बस की तुलना में ट्रेन तीन गुनी सस्ती, पलायन भी रुकेगा

बस की तुलना में ट्रेन से यात्रा होगी तीन गुनी सस्ती, दुर्ग से भानुप्रतापपुर की दूरी 117 किलोमीटर है। बस में किराया 110 रुपए है। ट्रेन में किराया रायपुर से 35 रुपए, चरोदा और दुर्ग से 30 और मरोदा से 25 रुपए हैं। ट्रेन की यात्रा बस की तुलना में तीन गुना सस्ता होगा। वर्ष 1990 के आसपास नगर की जनसंख्या 1 लाख 7 हजार तक पहुंच चुकी थी। उस समय खदानों में अधिकतर काम मजदूर करते थे। खदानों में मशीनीकरण होने के कारण धीरे-धीरे श्रमिकों को कम किया गया। लेकिन उसके साथ-साथ रोजगार के नए साधनों में भी कमी आने लगी।

दाम पर पड़ेगा असर

भानुप्रतापपुर तक ट्रेन सेवा शुरू होने का सीधा असर वस्तुओं के दाम पर पड़ेगा। इन दिनों वहां मिलने वाले अमचूर, इमली, लाख और धान की कीमत में अंतर आएगा। अभी तक सामान ढोने का मुख्य साधन सड़क मार्ग ही है। ट्रेन में रैक की तुलना में इसके काम तीन से चार गुना अधिक है।

बीएसपी को भी मिलेगा फायदा: दल्लीराजहरा, रावघाट, जगदलपुर रेल परियोजना भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी परियोजना है। 95 किमी रेलवे लाइन के बाद अब दूसरे चरण में रावघाट से जगदलपुर के मध्य 140 किमी रेलवे लाइन बिछाई जा रही है।

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Web Title: भानुप्रतापपुर तक रेल चलने से विकास की आस
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