• Home
  • Chhattisgarh News
  • Dhamtari News
  • केंद्र की गाइडलाइन- 4 गुना दें मुआवजा पर राज्य के हिसाब से दे रहे सिर्फ दोगुना
--Advertisement--

केंद्र की गाइडलाइन- 4 गुना दें मुआवजा पर राज्य के हिसाब से दे रहे सिर्फ दोगुना

अपनी किसी भी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण पर बाजार मूल्य का 4 गुना मुआवजा प्रभावितों को दिए जाने की बात केंद्र...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:20 AM IST
अपनी किसी भी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण पर बाजार मूल्य का 4 गुना मुआवजा प्रभावितों को दिए जाने की बात केंद्र सरकार स्पष्ट कर चुकी है। इसके बावजूद जिला प्रशासन बायपास व फोरलेन प्रभावितों को दो गुना ही मुआवजा दे रहा है। इसमें प्रभावितों को करोड़ों रुपयों का नुकसान उठाना पड़ रहा है, जो लगातार इसका विरोध भी कर रहे हैं, पर अफसरों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा।

जिले के कुरूद व धमतरी ब्लाक में एनएच क्र. 30 पर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग फोरलेन व बायपास का निर्माण करा रहा है। इसकी अधिसूचना 18 मार्च 2015 के गजट में केंद्र सरकार ने प्रकाशित की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर केंद्र सरकार के नियमानुसार प्रभावितों को 4 गुना मुआवजा देना शुरू किया। यह प्रक्रिया चल ही रही थी कि 28 अक्टूबर 2017 को अचानक राज्य के राजस्व एवं अापदा प्रबंधन मंत्रालय ने सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर दो गुनी दर से मुआवजा देने का फरमान सुना दिया और कहा कि पहले जिन्हें 4 गुना दर से मुआवजा दिया जा चुका है, उनसे आधी राशि की वसूली की जाए।

इसलिए आधा किया मुआवजा, केंद्रीय परियोजना का मुआवजा राज्य की दर से दे रहे : रायगढ़ कलेक्टर ने राज्य शासन को पत्र लिखकर कोल माइंस की जमीन के मुआवजा निर्धारण के लिए मार्गदर्शन मांगा था, जिस पर राज्य शासन ने केंद्र से मार्गदर्शन मांगा। इसके बाद केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव हुकुम सिंह मीना ने राज्य के मुख्य सचिव को प्रेषित पत्र में कहा कि केंद्र अथवा राज्य जिसकी भी दर कम हो, उस दर से राज्य सरकार मुआवजा दे सकती है।

साथ ही अागे उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की ऐसी परियोजना, जिसके संंबंध में उसने विशिष्ट अधिसूचना जारी की है, के लिए मुआवजा निर्धारण केंद्र सरकार की दर से चार गुना किया जाएगा।

इस मार्गदर्शन में केंद्रीय योजनाओं को लेकर दिए गए स्पष्टीकरण पर गौर किए बगैर राज्य के मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को फरमान जारी कर दिया कि दो गुनी दर से मुआवजा दिया जाए, जबकि फोरलेन या बायपास केंद्रीय परियोजना है, जिसकी अधिसूचना भी केंद्र की ओर से जारी की गई है।

एनएच के मुआवजे में की जा रही गड़बड़ी

केंद्र की गाइड लाइन को दरकिनार कर कलेक्टर ने दो गुना मुआ‌‌‌‌वजा देने के निर्देश जारी किए हैं।

भास्कर में खबर प्रकाशित होने पर मचा बवाल, तब दोबारा मांगा मार्गदर्शन

पहले चार गुना और बाद में दो गुना मुआवजा दिए जाने को भास्कर ने जनवरी महीने में 3 और 10 तारीख को खबर प्रकाशित की, जिस पर बवाल मचने के बाद कलेक्टर डा. सीआर प्रसन्ना ने फिर में राज्य और केंद्र सरकार से मार्ग दर्शन मांगा। बाद में भास्कर से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था कि मार्गदर्शन आ गया है और चार गुनी दर से ही मुआवजा दिया जाना है। इसके बावजूद इस पर अब तक अमल नहीं हो पाया है और दो गुनी दर से ही मुआवजा दिया जा रहा है। इस मामले में जिम्मेदार अफसरों की खामोशी का आलम यह है कि वे यह भी नहीं बता रहे हैं कि चार गुनी दर से कितने लोगों और दो गुनी दर से कितने लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है। उनके पास इस सवाल का भी जवाब नहीं है कि केन्द्र सरकार द्वारा स्पष्ट किए जाने के बावजूद क्यों चार गुनी दर से मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।

केंद्रीय संयुक्त सचिव हुकुम सिंह मीना ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि मुआवजा 4 गुना दर से दिया जाए।

जिले में परियोजना पर एक नजर








कलेक्टर लगातार काल रिसीव नहीं कर रहे

वस्तुस्थिति जानने दो दिनों से कलेक्टर से संपर्क करने की कोशिश जा रही है, पर वे उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं और न ही मोबाइल पर काल रिसीव कर रहे हैं।

राज्य शासन की दर ही मान्य : राजस्व सचिव

इस मामले में प्रदेश के राजस्व सचिव निर्मल खाखा का कहना है कि राज्य की सीमा के भीतर किसी भी फोरलेन या बायपास के लिए जमीन अधिग्रहण पर मुआवजा राज्य शासन की नीति के तहत दो गुना ही दिया जाना है। इस मामले में केंद्र से भी स्पष्टीकरण आ चुका है।