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आदिवासी महिला को पंचायत देगी दूसरी जगह मकान, वन विभाग ने रुकवा दिया था निर्माण

धमतरी | ग्राम पंचायत कुकरेल की रहने वाली गरीब आदिवासी महिला मोनाबाई ठाकुर के खुद के पक्के मकान का सपना टूटने से बच...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:20 AM IST

धमतरी | ग्राम पंचायत कुकरेल की रहने वाली गरीब आदिवासी महिला मोनाबाई ठाकुर के खुद के पक्के मकान का सपना टूटने से बच गया है। पिछले दिनों हुई ग्रामसभा में निर्णय लिया गया कि उसके लिए दूसरी अविवादित जगह पर पंचायत प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कराएगी। मोनाबाई ठाकुर के नाम से प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति मिलने के बाद सरपंच माखनलाल नेताम ने उसके लिए वन विभाग की जमीन पर मकान बनवाना शुरू कर दिया था। छज्जा लेवल तक निर्माण कार्य होते तक पहली किश्त में मिले पूरे 48 हजार रुपए खत्म हो गए, तब वन विभाग ने अपनी जमीन पर अतिक्रमण बताकर मकान निर्माण रुकवा दिया था। इस मामले को भास्कर ने 30 जनवरी के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया, इसके बाद से पंचायत में खलबली मची हुई थी।

गत दिवस हुई ग्रामसभा में यह मामला जोर-शोर से उठा। कई लोगों ने सरपंच पर जानबूझकर ऐसी लापरवाही करने का अारोप लगाया, जिससे गरीब हितग्राही के मकान का सपना चूर-चूर हो रहा था। गरमागरम बहस के बाद ग्रामसभा में निर्णय लिया गया कि अब पंचायत ही हितग्राही को दूसरी जगह पर प्रधानमंत्री अावास बनाकर देगी और पहले किश्त की खर्च हो चुकी पूरी राशि की भरपाई भी करेगी। पंचायत सचिव रेवतराम साहू ने ग्रामसभा के निर्णय की पुष्टि कर कहा कि हितग्राही मोनाबाई ठाकुर को अब अविवादित जगह पर मकान बनाकर दिया जाएगा। साथ ही वन विभाग की जमीन से आधे बने मकान का पूरा मलबा हटाकर प्रयास किया जाएगा कि वन विभाग द्वारा उसके खिलाफ दर्ज किया गया अतिक्रमण का मामला भी खत्म हो जाए।

पीएम आवास के तहत पंचायत ने वन विभाग की जमीन पर दी थी

यह था मामला

ग्राम पंचायत कुकरेल की आवासहीन आदिवासी महिला मोनाबाई ठाकुर के नाम से प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति मिली, तब सरपंच ने वन विभाग की जमीन पर उसका मकान बनवाना शुरू कर दिया। इस कार्य में सरपंच ने पहली किश्त की पूरी राशि खर्च कर दी, पर इस बीच किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी ने जमीन के बारे में जांच पड़ताल करने की जरूरत महसूस नहीं की। काम जब छज्जा लेवल तक पहुंचा, तब वन विभाग को इसकी भनक लगी और विभागीय अमले ने मौके पर पहुंचकर काम रूकवा दिया, साथ ही मिस्त्री व अन्य कामगारों के सामान भी जब्त कर लिए। इसके अलावा हितग्राही मोनाबाई के नाम से पीओआर दर्जकर कार्रवाई के लिए डीएफओ को भिजवा दिया।

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