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बहू बोली-इरादा हत्या का नहीं था पैसे वापस नहीं करने के कारण सास अक्सर करती थी झगड़ा

सुभाष नगर वार्ड में आरोपी बहू क्षमा राव मामूली विवाद को लेकर इतना आक्रोशित हो गई कि उसने सास दुर्गा राव को ऐसी लात...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:30 AM IST
सुभाष नगर वार्ड में आरोपी बहू क्षमा राव मामूली विवाद को लेकर इतना आक्रोशित हो गई कि उसने सास दुर्गा राव को ऐसी लात मारी कि उसका सिर दीवार से टकराया और उसकी मौत हो गई। सास दुर्गा पैसे वापस करने की बात को लेकर अक्सर बहू क्षमा से झगड़ा करती थी। उसने क्षमा को तीन हजार रुपए उधार दिए थे। उधारी लेते समय क्षमा ने कहा था कि पखवाड़ेभर में वापस कर देगी लेकिन नहीं कर पाई। सप्ताह भऱ पहले भी इस बात को लेकर दोनों के बीच खासा विवाद भी हुआ। आरोपी महिला क्षमा ने सास दुर्गा की हत्या भले ही कर दी हो, पर अब वह पछता रही है। वह कहती है कि सास को मारने का उसका इरादा नहीं था।

विवाद के दौरान दोनों के बीच हाथापाई हो रही थी। मैंने उसे धक्का दे दिया और वह गिर गई। उसके बाद वह बेहोश हुई और कैसे मरी मुझे नहीं मालूम। सोचा नहीं था कि वह मर जाएगी। अब मेरी बेटियों का क्या होगा। मेरी तीन-तीन बेटियां हैं, एक सात साल की, दूसरी पांच साल की और तीसरी बेटी तो एक साल की ही है। पति कैसे उनकी देखभाल करेगा। वह मजदूरी करने दिनभर घर से बाहर रहता है।

विवाद की शुरुआत पानी भरने को लेकर हुई थी :विवाद की शुरूआत नल पर पहले पानी भरने को लेकर हुई थी। बहू का कहना था कि नल उसने लगवाया है इसलिए वह पहले पानी भरेगी। यह विवाद पैसे के लेन देन तक पहुंच गया और इतना बढ़ा कि यह हत्या जैसा अपराध हो गया।

पुलिस के अनुसार क्षमा के बच्चों को स्कूल जाना था इसलिए वह पहले पानी भरना चाहती थी लेकिन सास दुर्गा पहले पानी भरने के लिए अड़ गई। इससे विवाद शुरू हो गया। बाद में यह लेन देन के विवाद में बदल गया। वह खुद को घर की मालकिन बताते हुए उस पर धौंस भी जमा रही थी। यह घटना सुबह 8 बजे की बताई जा रही है

मृतक दुर्गा राव

बहू ने घर का प्लास्टर कराने लिया था 50 हजार का लोन

क्षमा ने कुछ माह पहले 50 हजार का लोन लिया था। यह लोन उसने घर का प्लास्टर कराने लिया था। उसने लोन चुकाने के लिए सास से 50 हजार रुपए मांगे थे लेकिन सास ने तीन हजार रुपए ही दिए। ये भी कहा जा रहा है कि क्षमा ने यह पैसे होली पर खर्च करने के लिए मांगे थे। उस पर लोन चुकाने का दबाव बढ़ता जा रहा था। पति प्रहलाद मजदूरी कर जैसे तैसे प|ी और तीन बेटियों का पेट पाल रहा है।

मनोरोगी ही करते हैं ऐसा

मनो चिकित्सक डॉ. सीपी सुमन कहते हैं कि आमतौर पर साइको (मनोरोगी) लोग ही ऐसा अपराध कर बैठते हैं। वे खुद पर हमला होने से पहले ही दूसरे पर हमला कर देते हैं जिससे ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। ऐसे लोग काफी आक्रामक भी होते हैं।