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बच्चों की उपस्थिति 91 प्रतिशत प्रदेश में धमतरी तीसरे स्थान पर

बच्चों को स्कूल तक लाने में शिक्षा विभाग का प्रयास सफल रहा। बच्चों की नियमित उपस्थिति के मामले में धमतरी जिला...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:30 AM IST
बच्चों को स्कूल तक लाने में शिक्षा विभाग का प्रयास सफल रहा। बच्चों की नियमित उपस्थिति के मामले में धमतरी जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। जिले में 91.3 प्रतिशत बच्चे रोजाना स्कूल पहुंचते हैं। पहले स्थान पर बालोद और दूसरे स्थान पर राजनांदगांव है। इसका खुलासा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान के सामाजिक अंकेक्षण में हुआ है। राजीव गांधी शिक्षा मिशन के समन्वयक बिपिन देशमुख ने कहा कि बच्चों की उपस्थिति को लेकर लगातार बीईओ, बीआरसी, संकुल प्रभारियों से जानकारी लेते हैं। लंबे समय से किसी बच्चे के स्कूल नहीं आने की जानकारी लगने पर शिक्षकों को उनके घर भेजते हैं। शिक्षकों से यह भी पूछा जाता है कि वे बच्चे की अनुपस्थिति को लेकर कितने बार बच्चों के पालक से मिले और बच्चे को स्कूल तक लाने में क्या प्रयास किया। कड़ी मॉनीटरिंग से प्रदेश में धमतरी जिले की स्थिति काफी अच्छी है।

इनमें सुधार की जरूरत : शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत प्राइमरी, मिडिल में 15 विषयों पर रिपोर्ट आई है। कुछ ऐसे भी विषय हैं, जिनमें अभी भी सुधार की जरूरत है। शाला विकास योजना में धमतरी 25वें स्थान पर है। समूह शिक्षा में 14वां, लेखन कौशल में 17वां, गणितीय कौशल में 19वां, विज्ञान से संबंधित सवालों को हल करने में 18वां, शालाओं को अकादमिक समर्थन में 19वां तथा शाला के बारे में समुदाय का अभिमत विषय में 23वां स्थान है।

शिक्षा गुणवत्ता अभियान के सामाजिक अंकेक्षण में हुआ खुलासा

जनरल नॉलेज में सातवें नंबर पर अपना जिला

बच्चों की उपलब्धि व जनरल नॉलेज में भी जिले के प्राइमरी, मिडिल स्कूल के बच्चे आगे हैं। पुस्तक से हटकर बच्चों का आईक्यू टेस्ट भी समय-समय पर स्कूलों में किया जाता है। वहीं उपचारात्मक शिक्षा, लर्निंग कम्युनिटी का गठन कर स्कूलों में विभिन्न गतिविधियों से अध्यापन कराया जा रहा है। यही वजह है कि हमारा जिला बच्चों की उपलब्धि और जनरल नॉलेज में सातवें नंबर पर है।

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