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सूखे में हो गई 34 लाख क्विंटल खरीदी

15 नवंबर से 31 जनवरी तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जिले के 84 केंद्रों में इस वर्ष की गई। खरीफ धान फसल की बर्बादी को लेकर...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 02:35 AM IST
15 नवंबर से 31 जनवरी तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जिले के 84 केंद्रों में इस वर्ष की गई। खरीफ धान फसल की बर्बादी को लेकर जिले के सभी धमतरी, कुरूद, नगरी, मगरलोड ब्लाक को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।

इसके बावजूद इस वर्ष 34.25 लाख क्विंटल धान की खरीदी हो गई। यह लक्ष्य के मुकाबले 92 फीसदी है। इसके बाद 15 फरवरी तक किसान कर्ज अदायगी के लिए (लिंकिंग) खरीद केंद्रों में और धान ला सकते हैं। वर्ष 2015 में भी खरीफ धान की फसल बर्बाद हुई थी, तब भी जिले के कुरूद, नगरी, मगरलोड ब्लाक को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। इसके बावजूद जिले में 32.12 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई थी।

ऐसे में इस वर्ष पूरा जिला सूखा होने के बावजूद लक्ष्य के करीब धान की खरीदी हो गई, जो जांच का विषय है। इधर कलेक्टर डॉ. सीआर प्रसन्ना का कहना है कि जिले में पर्याप्त नलकूप व सिंचाई सुविधा है। बांध से भी सिंचाई के लिए पानी दिया गया, इसलिए उत्पादन ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ। इस वर्ष 550 करोड़ रूपए की धान खरीदी की गई। किसानों के खाते में भुगतान की राशि डाली जा रही है।

धमतरी। अंतिम दिन 80 फीसदी सोसायटियों में किसान धान लेकर नहीं आए।

83 प्रतिशत हो गई वसूली

बीते खरीफ सीजन में जिले के किसानों को 112 करोड़ का ऋण दिया गया था। इसके अलावा 2 हजार किसानों पर पूर्व का 19 करोड़ 14 लाख रूपए का ऋण बकाया था। लिंकिंग के माध्यम से 113 करोड़ 80 लाख रूपए की ऋण वसूली कर ली गई है, जो 83 प्रतिशत है। परिवहन की स्थिति भी जिले में बेहतर है। खरीदे गए धान में से 94 फीसदी धान का परिवहन भी कर लिया गया है।

जिले में 8215 किसानों ने नहीं बेचा धान

धान बेचने के लिए इस वर्ष जिले के 89152 किसानों ने पंजीयन कराया था। अंतिम तिथि तक 80937 किसानाें ने धान बेचा। इस तरह पंजीकृत किसानों में से 8215 किसान धान नहीं बेच पाए।