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एससीईआरटी से रिस्पांस मिला तो अगले सत्र से स्कूलों में सेना शिक्षा

सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं में देशप्रेम की भावना जगाने सेना शिक्षा की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:40 AM IST
सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं में देशप्रेम की भावना जगाने सेना शिक्षा की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में धमतरी जिले में की गई। एकलव्य खेल मैदान पर 3 दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में 477 छात्र-छात्राओं व पीटीआई ने भाग लिया। शिक्षा विभाग इसकी पूरी रिपोर्ट एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) को सौंपेगा। यदि परिषद ने बेहतर रिस्पांस दिया, तो प्रदेशभर के सभी स्कूलों में अगले सत्र से सेना शिक्षा की शुरुआत की जाएगी।

शिविर के समापन अवसर पर एयर फोर्स के रिटायर्ड अफसर एस विश्वास, रिटायर्ड सैनिक श्री निषाद ने प्रशिक्षणार्थियों को युद्ध की कहानियां बताई। उन्होंने सैनिक के काम के तरीके, युद्ध, डयूटी, देशभक्ति आदि विषयों पर प्रकाश डाला। साथ ही अनुशासन व सैनिक भर्ती के तकनीकी पहलुओं को भी विस्तार से बताया।

शिविर के दौरान पूर्व सैनिक केपी साहू, मुरारी लाल, मस्तराम, सुरेशपुरी, रविकांत भेसले, राजू सालोमन, जोहनलाल मंडावी, जेके मगेन्द्र, चंद्रकुमार यदु, प्राणसिंह सिन्हा, अरुण साहू, रवि विश्वास, नारायणराव शिंदे, जितेन्द्र कुमार, तेजेन्द्र कुमार साहू, पवन निषाद, अजयपुरी गोस्वामी, गाेविंद साहू, मोहनलाल पटेल, सूरजभान साहू, टीपी साहू, कुंजल गंजीर, राकेश खत्री ने छात्र-छात्राओं और पीटीआई को प्रशिक्षण दिया।

नवाचार

प्रदेश में सेना शिक्षा की शुरुआत धमतरी जिले से, 3 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में 477 छात्र-छात्राएं व पीटीआई हुए शामिल

धमतरी. एकलव्य मैदान में आयोजित 3 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में 300 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

इसलिए ट्रेनिंग की पड़ी जरूरत

शिक्षा विभाग के सहायक संचालक लक्ष्मण राव मगर, डाइट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वीपी चंद्रा ने बताया कि देशप्रेम की भावना की शिक्षा के स्तर पर आज खतरा मंडराने लगा है। 70 से 80 प्रतिशत शिक्षक-शिक्षिकाएं विद्यार्थियों को नियमतः सावधान, विश्राम, सम्मान, दाहिने मुड़, बाएं मुड़, कदम ताल, सैल्यूट समेत अनुशासन संबंधी शिक्षा देने की गहनता में परिपक्व नहीं हैं। आधुनिकता के इस दौर में इसे जीवित करने के लिए जिला शिक्षा विभाग धमतरी ने राज्य शिक्षा विभाग को सेना शिक्षा के माध्यम से नवाचार लागू करने की योजना प्रस्तुत की थी। इसे राज्य शासन से सहमति मिली और पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सेना इसकी शुरुआत धमतरी जिले में की गई