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7 करोड़ से बन रहे बाईपास को जांचने पहुंचे चीफ इंजीनियर, मोटाई-गुणवत्ता देखी

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 02:26 AM IST

Dhamtari News - रुद्री से छाती तक नहर किनारे करीब 12.31 किमी बायपास 7 करोड़ की लागत से बन रही है। लेकिन ढाई साल बाद भी काम अधूरा है।...

Dhamtari News - chhattisgarh news chief engineer arrived to check bypassing 7 crores see thickness quality
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रुद्री से छाती तक नहर किनारे करीब 12.31 किमी बायपास 7 करोड़ की लागत से बन रही है। लेकिन ढाई साल बाद भी काम अधूरा है। बुधवार को इस सड़क की गुणवत्ता जांचने रायपुर की टीम पहुंची और इसके मोटाई सहित तमाम पहलुओं पर बारीकी से जांच की। जांच प्रक्रिया करीब 4 घंटे चली। अब रिपोर्ट सीईओ आलोक कटियार को सौंपेंगे।

महानदी मुख्य जल प्रदायक नहर के किनारे रुद्री से छाती तक 12 मीटर चौड़ी व 12.31 किमी लंबी बायपास सड़क ढाई साल से बन रही है। ये सड़क अब तक बनकर पूरा हो जाना था, लेकिन सड़क पर सिर्फ मुरूम-मिट्टी ही डाली गई है।

सूचना पटल के अनुसार यह सड़क का निर्माण 10 फरवरी 2017 को शुरु हुआ था और कार्य अवधि 12 माह वर्षा ऋतु को छोड़कर बताया गया हैं, लेकिन अब तक यह अधूरा है। सड़क का निर्माण कार्य राहुल कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से 12.31 किमी के लिए 6.94 लाख में ठेका दिया गया है। जांच अफसरों द्वारा सड़क की खुदाई कर उसका मटेरियल चैक करने के साथ ही उसका फोटोग्राफ भी लिया जा रहा है। वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है, ताकि सबूत भी रहे। निर्माण कार्य रुकने से इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से कई जगह गड्ढे उभर गए हैं।

बाईपास रोड का निर्माण ढाई साल में भी अधूरा, रिपोर्ट सीईओ आलोक कटियार को सौंपेंगे

4 घंटे चली जांच प्रक्रिया

राज्य शासन के निर्देश पर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री सड़क योजना की सड़कों की जांच अब शुरु हो चुकी है। बीते रविवार को कुरुद क्षेत्र के सड़कों की जांच के लिए सीईओ आलोक कटियार के नेतृत्व में जांच टीम धमतरी पहुंची थी। उसके बाद बुधवार को फिर से सड़क संधारण के चीफ इंजीनियर बीएल केंवट अपनी टीम के साथ धमतरी पहुंचे। रुद्री से छाती तक लगभग 5 जगह सड़क खोदकर सड़क का बेस, लेसर, थिकनेस सहित सभी चीजों की बारीकी से जांच की।

रुद्री से छाती तक नहर किनारे बाईपास का निर्माण हो रहा है। बुधवार को चीफ इंजीनियर बीएल ने सड़क की जांच कर फोटो, वीडियोग्राफी की।

सड़क संधारण के चीफ इंजीनियर बीएल केंवट ने बताया कि सीईओ के निर्देश पर जांच टीम सड़क की जांच कर रही है। 4 घंटे जांच प्रक्रिया पूरी की गई। कुछ गड़बड़ी मिली है। फोटो-वीडियोग्राफी भी किया जा रहा है। रिपोर्ट सीईओ आलोक कटियार को साैंपेंगे।

कुछ गड़बड़ी भी मिली है

काटे गए 5 हजार से ज्यादा रतनजोत पौधे

महानदी मुख्य नहर के किनारे 5-6 वर्ष पूर्व वन विभाग द्वारा रतनजोत के पौधे लगाए गए थे। इन पौधों से प्राप्त होने वाले फल से बायो डीजल बनाने की योजना थी, जो फ्लॉप हो गई। छाती से लेकर रुद्री तक करीब 5 हजार से अधिक पौधे लगाए गए थे, सड़क बनाने के दौरान ये पौधे बाधक बन रहे थे, इसलिए इन्हें काट दिया गया।

ये फायदा मिलेगा

रुद्री-छाती वैकल्पिक बायपास सड़क निर्माण से नेशनल हाइवे 30 में वाहनों का दबाव लगभग 25 से 30 फीसदी कम होगा। छाती-रुद्री मार्ग के बन जाने से बस्तर की ओर से आने वाले बड़े वाहन अंबेडकर चौक से लक्ष्मी निवास, पुराना नहर नाका होते हुए इस मार्ग से सीधे छाती में नेशनल हाईवे पर पहुंचेंगे। इसी तरह रायपुर से आने वाले वाहन छाती से मुड़कर नहर नाका, लक्ष्मी निवास, अंबेडकर चौक होते हुए बस्तर की ओर जाने के लिए नेशनल हाईवे पर निकलेंगे। नगरी-सिहावा से आने-जाने वाले वाहन भी इसी मार्ग से निकल सकते हैं।

यह है योजना

छाती से रुद्री तक नहर के किनारे 3.75 मीटर चौड़ी व 12.31 किमी लंबी पक्की सड़क काे 2 चरणों में बनाया जाएगा। पहले चरण में मनरेगा के तहत अर्थ वर्क किया गया। नहर के दोनों छोर पर मिट्टी कार्य आरईएस की ओर से कराया गया। अब दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत डामरीकरण भी शुरु होना है। अब तक इस मार्ग का उपयोग महानदी मुख्य नहर के लिए सर्विस रोड के रूप में हो रहा था। पर इस निर्माण कार्य में गड़बड़ी की आशंका को भांपते हुए रायपुर की टीम ने धमतरी पहुंची और सड़क खोदकर जांची।

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