बिना पंजीयन के मिलिंग, 1.13 करोड़ का 6 हजार 50 क्विंटल चावल-धान जब्त

Dhamtari News - भास्कर न्यूज | धमतरी। मगरलोड बिना पंजीयन चलाई जा रही डीएमएच एग्रोटेक उसना राइस मिल पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई की...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 06:40 AM IST
Dhamtari News - chhattisgarh news milling without registration seized 6 thousand 50 quintals of rice and paddy of 113 crore
भास्कर न्यूज | धमतरी। मगरलोड

बिना पंजीयन चलाई जा रही डीएमएच एग्रोटेक उसना राइस मिल पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई की है। यहां से 1.13 करोड़ का 6 हजार 50 क्विंटल चावल, धान जब्त किया है। यह राइस मिल मगरलोड ब्लॉक के अमलीडीह में चल रहा था।

84 धान खरीदी केन्द्रोंं में 1 नवंबर से 31 जनवरी तक समर्थन मूल्य में लक्ष्य से ज्यादा धान की खरीदी की गई है। उठाव करने नियमानुसार मिलर्स को अनुबंध करना था लेकिन डीएमएच एग्रोटेके मिल संचालक ने ऐसा नहीं किया। जानकारी मिलने पर जिला सहायक खाद्य अधिकारी विश्वजीत ठाकुर, खाद्य निरीक्षक अरविंद दुबे कुछ राइस मिलों में जाकर जांच की। मगरलोड के डीएमएच एग्रोटेक उसना राइसमिल में दस्तावेज देखे। इनमें पंजीयन नहीं मिला। इस मिल के मालिक उर्मिला शर्मा और संचालक प्रकाश शर्मा हैं। इस साल बिना पंजीयन कराए ही मिलिंग हो रही थी।

उठाव करने मिलर्स को अनुबंध करना था पर मिल संचालक ने ऐसा नहीं किया

खाद्य विभाग की टीम धान, चावल जब्त कर सरकारी गोदाम ले गई।

धान खरीदी के पहले होता है पंजीयन

जिला सहायक खाद्य अधिकारी विश्वजीत ठाकुर ने बताया कि समर्थन मूल्य में धान खरीदी के पूर्व राइस मिल संचालकों को कस्टम मिलिंग करने अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने कहा गया था। बिना पंजीयन मिलिंग की अनुमति नहीं देने के आदेश थे।

2 महीने पहले 3 मिलों पर हो चुकी कार्रवाई

2 महीने पहले ही जिले में संचालित 3 अरवा राइसमिल फ्लोर मिल गट्टासिल्ली नगरी, मेमर्स एमआईके एग्रो इंडस्ट्रीज नगरी और प्रांजल धान कुटाई केन्द्र कुरूद को ब्लेक लिस्टेड किया गया था। इन तीनों अरवा राइसमिलों के संचालकों ने कस्टम मिलिंग में लापरवाही की थी।

समझिए, ऐसे होता है सरकार को नुकसान

जिला खाद्य अधिकारी संतोष दुबे ने बताया कि उसना राइस मिलर्स को कस्टम मिलिंग एक्ट के तहत विभाग में पंजीयन कराना अनिवार्य है। साथ ही सरकारी धान की मीलिंग पहले करना है। सरकारी धान की मिलिंग के पश्चात ही प्राइवेट धान की मीलिंग कर सकता है, लेकिन डीएमएच एग्रोटेक राइस मिल द्वारा कस्टम मिलिंग एक्ट का उल्लंघन करते हुए पंजीयन नहीं कराया और प्राइवेट धान की मिलिंग की। कुछ राइस मिलर्स मुनाफे के चक्कर में कम समय में ज्यादा मिलिंग कर प्रोत्साहन राशि लेकर शासन को नुकसान पहुंचाते हैं। एग्रोटेक मिल पर कार्रवाई कर दस्तावेज कलेक्टर कोर्ट में पेश किया गया।

कनेक्शन काटने की हो चुकी कार्रवाई

जिले में 112 अरवा और 82 उसना राइस मिल संचालित हो रही है। शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने ऐसे सभी मिलर्स पर कार्रवाई के निर्देश दिए जिन्होंने नियमों का पालन नहीं किया था। जांच कर 4 राइसमिलों के खिलाफ कार्रवाई की। राइस मिलों की बिजली काट दी गई।

इस तरह की कार्रवाई से मिलर्स में खलबली

इस कार्रवाई से जिले के राइस मिलर्स में हड़कंप है। खाद्य विभाग सक्रिय होकर अन्य राइस मिलों पर दबिश देता है, तो स्टाक से अधिक धान, चावल बरामद हो सकता है। कलेक्टर रजत बंसल के मुताबिक जिले में सभी राइस मिलों में प्रदूषण की जांच भी कराई जाएगी।

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