132 में से 74 नमूनों की रिपोर्ट आई 4 फेल, अंकुरण क्षमता कम पाई गई

Dhamtari News - किसानों के लिए नकली या अमानक बीज का संकट बढ़ता जा रहा है। अब तक जिले में 132 सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 06:35 AM IST
Dhamtari News - chhattisgarh news report of 74 samples from 132 showed i4 fail germination capacity was low
किसानों के लिए नकली या अमानक बीज का संकट बढ़ता जा रहा है। अब तक जिले में 132 सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला रायपुर भेजा है। अब तक 74 सैंपल की रिपोर्ट आई है। इनमें से 4 फेल हो गए हैं। यह अमानक पाए गए हैं। इनमें अंकुरण क्षमता तय मानक से कम है। अब तक फेल हुए चारों नमूने सहकारी सोसायटी के हैं।

जानकारी के मुताबिक नकली खाद-बीज की शिकायत जिले में लगातार बढ़ रहीं हैं। हर साल खरीफ सीजन में 200 से अधिक कंपनियों के लोग यहां अमानक या घटिया खाद बीज खपाने आते हैं। इनसे किसानों को बचाने के लिए अब तक विभाग ने जिले की सहकारी व निजी खाद बीज दुकानों से जंाच के लिए 132 नमूने लिए हैं। जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। अब तक 74 नमूनों कि रिपोर्ट आई है। इनमें से 4 नमूने फेल यानी अमानक पाए गए। चारों नमूने सहकारी सोसायटी के हैं। अमानक पाए जाने के बाद इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। अमानक सरकारी धान बीज में एमटीयू 1010,1001 शामिल है। अगले हफ्ते में कुछ और जांच रिपोर्ट अाने की संभावना है। सहकारी के अलावा निजी सेक्टर के भी बीज फेल होने की आशंका बताई जा रही है। केंद्र मरौद में एमटीयू 1010 के 193.70क्विटल व कलारतराई में 174 क्विंटल कुल 367.70 क्विंटल धान अभी भी इन केंद्रों में हैं।

कई किसान खरीद चुके : जांच में अमानक पाए गए दोनों धान बीज की बिक्री भी केंद्रों से हो चुकी है। कितने क्विंटल बीज बेचा गया है इसकी जानकारी केंद्र के लोग नहीं दे पा रहे हैं या जानबूझकर छुपा रहे हैं। किसानों ने बताया कि लगभग 100 से 150 किसान अमानक बीज ले जा चुके हैं। अब बोनी के बाद किसान को हुए नुकसान की जानकारी सामने आएगी। किसान दूजराम साहू,जीवराखन साहू, मनोहर ध्रुव ने कहा कि कृषि विभाग बीज की जांच करने के बाद उसे प्रमाणित करता है। इसके बाद किसानों को बेचा जाता है। विभाग की लापरवाही ,मिलीभगत से घटिया बीज बाजार में आ रहा है। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

लगातार ले रहे नमूने : कृषि उप संचालक आरके कश्यप ने कहा कि अभी जिले भर में कृषि विभाग की टीम बीज की जांच करा रही है। 4 अमानक मिले हैं। बिक्री पर रोक लगा दी गई है। रासायनिक दवा की भी जांच करेंगे। आधे नमूनों की रिपोर्ट आई है।

किसान जा सकते हैं उपभोक्ता फोरम :अमानक पाए गए बीजों को खरीदने वाले किसान उपभोक्ता फोरम में जाकर क्षतिपूर्ति हासिल कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें केवल बीज खरीदी का प्रमाण बिल दिखाना होगा।

धमतरी. 11 जुलाई को नगरी के रावनभाठा में कृषि विभाग की टीम ने खाद, दवा दुकानों में जांच कर सैंपल उठाया।

सौ से अधिक नई कंपनियों की खाद बाजार में

जैविक खेती करने वाल किसान भास्कर गजेंद्र,विनायक दास ,थानसिंह साहू ने बताया कि धमतरी जिले में हर साल 100 से अधिक नए प्रकार के रासायनिक खाद, बीज, दवा बजार में आते है। कंपनी के लोग किसानों को अधिक उत्पादन ,कीटों की कम समस्या आदि का झांसा देकर खाद ,बीज खपा देते हैं। छोटे-बडे दोनों तरह के किसान इसमें ठगे जाते हैं। जब कीट प्रकोप जैसी समस्या आती है,तब उन्हें नुकसान होने का पता चलता है।

यहां रासायनिक खाद की खपत सबसे ज्यादा

कृषि विभाग के रिटायर एसडीओ एसएल साहू ने बताया कि रासायनिक खाद की सबसे ज्यादा खपत धमतरी में होती है। यहां प्रति हेक्टेयर में 120 किलो रासायनिक खाद की खपत है। खरीफ में 1 लाख 35 हजार हेक्टेयर में धान की फसल लगती है। इस तरह सिर्फ खरीफ सीजन में ही जिले में 16 करोड़ 2 लाख किलो रासायनिक खाद की खपत हो जाती है। दूसरे स्थान पर रायपुर ,तीसरे स्थान पर जांजगीर है।

X
Dhamtari News - chhattisgarh news report of 74 samples from 132 showed i4 fail germination capacity was low
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना