Hindi News »Chhatisgarh »Dhamtari» बचत की आदत डालें तो श्रमिकों को कर्ज लेने की कभी जरूरत नहीं पड़ेगी

बचत की आदत डालें तो श्रमिकों को कर्ज लेने की कभी जरूरत नहीं पड़ेगी

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर बुधवार को सम्मान समारोह का...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:30 AM IST

बचत की आदत डालें तो श्रमिकों को कर्ज लेने की कभी जरूरत नहीं पड़ेगी
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर बुधवार को सम्मान समारोह का आयोजन दिव्य धाम में किया गया। कार्यक्रम में सेवाकेंद्र संचालिका बह्माकुमारी सरिता बहन ने सभी श्रमिकों को लड़ाई-झगड़े व नशे से दूर रह कर अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारियों का ईमानदारी के साथ निर्वहन करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा अगर श्रमिक अपने कमाए धन को बुरे व्यसनों में बर्बाद न कर बचत की आदत डालें तो भविष्य में उसे कभी भी स्वास्थ्य, शिक्षा और शादी ब्याह जैसे अन्य कार्यों के लिए कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उसका वर्तमान और भविष्य दोनों सुरक्षित और सम्मानजनक बन सकता है। बच्चों को भी अच्छी शिक्षा प्रदान कर सकते हैं। हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि शरीर है तो श्रम है।

ब्रह्माकुमारी सरिता ने कहा कि श्रमिक वर्ग धन धान्य से संपन्न नहीं होता, लेकिन ईमानदारी और विश्वास से कमाया गया थोड़ा सा धन भी उनके जीवन में सुख का संचार करता है, शक्ति देता है। बिना श्रमिक के कोई भी काम पूरा नहीं होता। गुरुनानक देव ने भी धनवानों के पकवान को ठुकराकर मजदूर की सूखी रोटी को स्वीकार किया, क्योंकि उसमें मेहनत और ईमानदारी थी। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने सबको समान बनाया है। उसने किसी को मजदूर किसी को मालिक नहीं बनाया। संसार की रचना भगवान विश्वकर्मा ने की और सभी श्रमिक बंधु विश्वकर्मा के सहयोगी भुजाएं, उनके पुत्र हुए। हम सबको श्रम का सम्मान करना चाहिए।

लड़ाई-झगड़े व नशे से दूर रहकर सुखी जीवन जीने का संकल्प लेते श्रमिक।

नशे के कारण ही स्वास्थ्य और शिक्षा से वंचित

सरिता बहन ने कहा कि भरपूर मेहनत करने के बाद भी आज भी श्रमिक वर्ग के जीवन स्तर में सुधार नहीं आ पाया है। इसका मुख्य कारण नशा है। नशे की लत धन और तन दोनों काे नुकसान करता है। नशे के कारण ही अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य से श्रमिक परिवारों को वंचित होना पड़ता है। समाज को दरिद्रता और निर्धनता के श्राप से श्रमिक ही मुक्त कर सकता है। कार्यक्रम में सभी श्रमिकों को गमछा देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छगन साहू, महेश साहू आदि उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Dhamtari

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×