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हकीकत देखने दिल्ली से आई टीम, जहां सफाई थी वहीं नजर डाली, गंदगी नहीं देखी

धमतरी शहर खुले में शौचमुक्त तो हो चुका है लेकिन कई सार्वजनिक शौचालय ऐसे हैं कि जहां छत होते हुए भी बारिश में छतरी का...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 02:30 AM IST
धमतरी शहर खुले में शौचमुक्त तो हो चुका है लेकिन कई सार्वजनिक शौचालय ऐसे हैं कि जहां छत होते हुए भी बारिश में छतरी का सहारा लेना पड़ता है। शुक्रवार को दिल्ली की टीम धमतरी में ओडीएफ का हाल देखने आई थी। उसने उन शौचालयों को भी देखा जहां छतरी ले जाना पड़ता है। वहां गंदगी इतनी थी कि उन्होंने नाक सिकोड़ ली। पर खास बात यह है कि अफसरों ने कहा कि वे दिल्ली उन्हीं जगहों की रिपोर्ट भेजेंगे जहां का उन्हें निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। इससे ओडीएफ की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़ा हो गया है।

दिल्ली से आई टीम ने दोपहर 12 बजे के करीब शहर के शौचालयों का निरीक्षण किया। यह ओडीएफ की क्यूूसीआई (क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया) टीम थी जो ओडीएफ घोषित हो चुके शहरों और जिलों में ओडीएफ की स्थिति देखती है। टीम ने उन स्थानों को देखा जहां काफी सफाई थी। उन स्थानों को नहीं जहां गंदगी है। टीम ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। यहां तक कि टीम के सदस्य अपना नाम तक बताने तैयार नहीं थे। टीम में राकेश यादव और उनके सहयोगी सदस्य राहुल गौतम थे।

गंदगी दिखाने नेता प्रतिपक्ष को करना पड़ा आग्रह

टीम के सदस्य तय जगहों के अलावा और किसी शौचालय या स्थान को देखने के लिए तैयार नहीं थे। नेता प्रतिपक्ष अनुराग मसीह अन्य स्थानों को देखने के लिए उनसे अनुरोध करना पड़ा। उन्होंने टीम को अपने वार्ड के शौचालयों को दिखाया। यहां सैप्टिक टैंक से मल बह रहा था। गंदगी देख टीम के सदस्यों ने नाक सिकोड़ ली, लेकिन उसका फोटो भी लिया।

दावा... निगम क्षेत्र में ओडीएफ की बेहतर स्थिति

कमिश्नर रमेश जायसवाल ने कहा कि दिल्ली से अधिकारी ओडीएफ स्थायित्व देखने पहुंचे थे। ओडीएफ घोषित निकायों का 3 से 4 बार सर्वे होता है। अधिकारी समय-समय पर सर्वे करने पहुंचते हैं। टिकरापारा के शौचालय की जांच कराएंगे। इसे जल्द चालू करा देंगे।

कई बार आवेदन दे चुके: नेता प्रतिपक्ष अनुराग मसीह ने कहा कि 11 माह पहले जब मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आए थे तब नए शौचालय का उद्घाटन हुआ था, लेकिन इन शौचालयों का ताला आज तक नहीं खोला गया। महापौर, कमिश्नर, कलेक्टर सबको आवेदन दे चुके हैं लेकिन कुछ नहीं हुआ।

धमतरी. टिकरापारा के जर्जर शौचालय की तस्वीर लेते जांच में आए अधिकारी।

हकीकत... सैप्टिक टैंक खुला, शौचालय का स्लैब भी टूटा

वार्डवासी प्रकाश, सिद्धार्थ गौली, राजू निषाद, पवन लिखी, राजेन्द्र ढीमर, राउफ खान ने कहा कि पुराने शौचालय की स्थिति बेहद खराब है। मल बाहर बहता है। सैप्टिक टैंक भी ओपन है। स्लेब टूटकर नीचे गिर गया है। मजबूरी में इसी टूटे शौचालय में जाते हैं। यहां भी बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है, तब छतरी लेकर जाते हैं।

यहां रहती है हमेशा गंदगी: निगम के बस स्टैंड शौचालय में हमेशा गंदगी रहती है। टिकरापारा, जहां की रोड से टीम गुजरी है, वहां भी गंदगी रहती है। इसाई पारा में शौचालयों और सड़क पर गंदगी रहती है।

यहां का किया निरीक्षण

टीम पहले अंजुमन स्कूल, विद्याकुंज मेमोरियल स्कूल में शौचालयों को देखा। ये दोनों प्राइवेट स्कूल हैं। इसके बाद शहर के दीवान तालाब और रमसगरी तालाब के सामने स्थित निगम के सुलभ शौचालय पहुंची। यहां की सफाई की स्थिति देखने के बाद स्लम बस्ती महात्मागांधी वार्ड, रामसागरपारा, महंत घासीदास वार्ड पहुंची। वार्डवासियों ने नियमित शौचालय का उपयोग करने की जानकारी दी।