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32 दिन बाद भी शुरू नहीं हो सका आरटीई वेब पोर्टल स्कूलों में आॅनलाइन प्रवेश के लिए बचे सिर्फ 3 दिन

धमतरी | इस सत्र में निजी स्कूलों में आरटीई के तहत दाखिला लेने के लिए बच्चों काे ऑनलाइन आवेदन देना होगा। इसके लिए...

Danik Bhaskar

May 03, 2018, 02:35 AM IST
धमतरी | इस सत्र में निजी स्कूलों में आरटीई के तहत दाखिला लेने के लिए बच्चों काे ऑनलाइन आवेदन देना होगा। इसके लिए विभाग का वेब पोर्टल 32 दिन बाद भी जनरेट नहीं हुआ है, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 5 मई है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने बच्चों के ऑनलाइन प्रवेश के लिए पहले 1 से 15 अप्रैल तक वेब पोर्टल जनरेट होने की बात कही थी। इसके बाद 30 अप्रैल तक और फिर 1 मई को जनरेट हो जाने की जानकारी दी गई। इस तरह ऑनलाइन आवेदन की तिथि तीन बार बढ़ाई जा चुकी है। इधर 5 मई प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि है, लेकिन आरटीई का वेब पोर्टल शुरू नहीं हो सका है। जिले के सभी निजी स्कूलों में नर्सरी से पहली तक शिक्षा के अधिकार के तहत बीपीएल परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए निशुल्क प्रवेश दिया जाना है। इसके लिए पालक च्वाइस सेंटरों के चक्कर लगा रहे हैं।

आरटीई के तहत स्कूलों में बच्चों के एडमिशन को लेकर पालक चिंतित

च्वाइस सेंटरों में पालक छोड़ रहे बच्चों के दस्तावेज

च्वाइस सेंटर के संचालक विजय निहलानी ने बताया कि आरटीई के तहत पालक अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए रोज पहुंच रहे हैं। कई पालकों ने तो परेशान होकर बच्चों के प्रवेश संबंधी दस्तावेज यहीं छोड़ दिए हैं। इधर पोर्टल कब शुरू होगा, इसकी भी जानकारी विभाग ठीक से नहीं दे पा रहा है। बांसपारा वार्ड के पालक घनश्याम निम्बाडकर ने बताया कि प्राइवेट स्कूल में पता करने पर प्रवेश शुरू हो जाने की जानकारी दी जाती है, पर च्वाइस सेंटरों में पोर्टल नहीं खुल रहा। ऐसे में बच्चों का निशुल्क प्रवेश होगा या नहीं, समझ नहीं आ रहा।

216 स्कूलों के 1400 सीटों पर की जाएगी भर्ती

शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में 216 प्राइवेट स्कूल हैं। बीते सत्र में आरटीई के तहत 1600 आवेदन मिले थे, जिनमें से 1354 सीटों पर बच्चों को प्रवेश दिया गया। इस सत्र में 1400 सीटों पर भर्ती का लक्ष्य रखा गया है। नए नियमों के तहत प्राइवेट स्कूलों को विभागीय पोर्टल में पंजीयन कराना है। इस मामले में वस्तुस्थिति जानने डीईओ पीकेएस बघेल से संपर्क किया गया, पर उनका मोबाइल लगातार बंद मिला और आॅफिस में भी वे उपलब्ध नहीं रहे।

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