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निस्तारी के लिए आज से गंगरेल से डिस्चार्ज बढ़ेगा, तालाब भरने के पहले नहर सफाई

लंबे गतिरोध के बाद जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में निस्तारी के लिए पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया। सिंचाई...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:45 AM IST

लंबे गतिरोध के बाद जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में निस्तारी के लिए पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया। सिंचाई विभाग द्वारा मंगलवार सुबह से ही निस्तारी पानी का डिस्चार्ज गंगरेल से बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में गंगरेल बांध से पानी रुद्री बराज में छोड़ा जा रहा है जहां से बलौदा बाजार को निस्तारी पानी दिया जा रहा है। जल उपयोगिता समिति की बैठक में निर्णय के बाद मंगलवार से जिले के लिए भी निस्तारी पानी का डिस्चार्ज बढ़ाया जाएगा। मांग के अनुरूप डिस्चार्ज की मात्रा बढ़ाई जाएगी।

तालाबों को भरने के पहले नहर नालियों और जल मार्गों की सफाई करने का आदेश पंचायतों को दिया गया। निगम क्षेत्र के भी 5 तालाब सूखे पड़े हैं, इनमें रमसगरी, मकई, महिमा सागर, शीतला तालाब, रामबाग तालाब शामिल हैं। निगम कमिश्नर को कलेक्टर डॉ. सीआर प्रसन्ना ने जल्द निस्तारी तालाबों को भरने के लिए सूची सिंचाई विभाग को देने कहा।

रायपुर को पानी देने होगा पत्राचार : अजय ठाकुर ने बैठक में बताया कि नगर पालिक निगम रायपुर को 61 मिलियन घनमीटर पानी प्रदाय किया जाना निर्धारित था, जबकि अब तक उससे कहीं अधिक 71 मिलियन घनमीटर पानी दिया जा चुका है। रायपुर से साल-दर-साल पानी की मांग बढ़ती जा रही है। आगे भी मांग से ज्यादा पानी देने के मुद्दे को लेकर सचिव स्तर पर पत्राचार किए जाने की बात बैठक में कही।

बीते वर्ष 370 तालाब भरे, इस बार 50-60 गांवों से मांग : जल संसाधन विभाग के ईई संतोष ताम्रकार ने कहा कि तालाब भरने के लिए 50 से 60 गांवों से मांग आई है। पिछले वर्ष 370 तालाब भरे थे। इसमें से 339 गंगरेल से और 41 तालाब सोंढूर बांध से भरे थे। लगभग इतने ही तालाब इस वर्ष भी भरेंगे।

धमतरी. सोमवार को शाम 4 बजे कलेक्टोरेट में जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा व सहमति बनी।

1306 तालाबों को जलाशयों से देते हैं पानी

बैठक में जल प्रबंध संभाग के ईई अजय ठाकुर ने बताया कि जिले के जलाशयों में 16.77 टीएमसी पानी है। जलाशयों से प्रतिवर्ष कुल 766 गांवों के 1306 चिन्हांकित तालाबों को निस्तारी के लिए पानी देते हैं। धमतरी के अलावा बालोद, रायपुर और बलौदाबाजार जिले को भी निस्तारी पानी देते हैं।

पानी छोड़ने से पहले तालाबों को चिह्नांकित करने की मांग

जल उपयोगिता समिति की बैठक विधायक गुरूमुख सिंह होरा, श्रवण मरकाम की मौजूदगी में बैठक हुई। बैठक में मांग के आधार पर जिले में मौजूद जलाशयों से निस्तारी के लिए नहरों के माध्यम से तत्काल पानी छोड़े जाने का निर्णय लिया गया। विधायक होरा ने निस्तारी पानी को यथासंभव बचत करने पर बल दिया, ताकि पानी का अपव्यय न हो। सिहावा विधायक श्रवण मरकाम ने पानी छोड़ने से पहले तालाबों को चिन्हांकित करने और टेल एरिया तक की नहर नालियों का निरीक्षण मैदानी अमले द्वारा पूरा करने को कहा। बैठक में मौसम आधारित वर्षा को ध्यान में रखते हुए आगामी मानसून के विलंब होने की स्थिति से निबटने पेयजल व निस्तारी जल की बचत करने और सुरक्षित करने पर जोर दिया गया।

माडमसिल्ली खाली, अन्य बांधों में 16.77 टीएमसी पानी

कम वर्षा के चलते इस वर्ष जिले के बांधों की हालत अच्छी नहीं है। मुरुमसिल्ली बांध की क्षमता 5.839 टीएमसी है। यह बांध खाली हो चुका है। गंगरेल बांध में 12.39 टीएमसी उपयोगी जल यानी 45.76 प्रतिशत, दुधावा में 2.23 टीएमसी पानी 23.26 प्रतिशत, सोंढूर बांध में 2.15 टीएमसी यानी 33.86 प्रतिशत पानी है।

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