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नुकसान हुआ 13 से 35 हजार, बीमा क्लेम में मिले 2 से 70 रुपए, किसान पूछ रहे-ये बीमा लाभ या भीख

बीते खरीफ सीजन में अल्पवर्षा और कीटप्रकोप से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ था। इसके चलते शासन ने जिले के चारों...

Danik Bhaskar

May 18, 2018, 03:20 AM IST
बीते खरीफ सीजन में अल्पवर्षा और कीटप्रकोप से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ था। इसके चलते शासन ने जिले के चारों ब्लाक को सूखाग्रस्त घोषित किया था। सूखे की मार से कुछ राहत मिलने की उम्मीद में इस सीजन में जिले के 70169 किसानों ने फसल बीमा कराया था। इसके बाद नवंबर-दिसंबर में शासन ने फसल क्षति का सर्वे कराकर सूखे से हुए नुकसान की रिपोर्ट बनवाई। अब जब बीमा क्लेम लेने की बारी आई है, तब किसानों को मात्र 2 से 5 रुपए फसल क्षति के एवज में मिल रहे हैं। इसे किसान भीख करार देकर लेने से इंकार कर रहे हैं।

जैसी राशि आई, वैसी डलवा दी : सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी आरपी शर्मा का कहना है बीते खरीफ सीजन में उनके बैंक के माध्यम से जिले के 52802 किसानों ने फसल बीमा कराया था। इनमें से 6609 किसानों को बीमा क्लेम की राशि जारी कर दी गई है। कुछ किसानों को 2 से 5 रुपए तक मिले हैं। जैसी बीमा राशि आई, वैसे ही संबंधित किसानों के खाते में डलवाई गई है।

परीक्षण कराएंगे : कृषि विभाग के उप संचालक एलपी अहिरवार ने कहा कि बीमा क्लेम वास्तविक उपज और क्षति के आधार पर मिलता है। यदि उत्पादन 15 क्विंटल होता है और वास्तविक उत्पादन 5 क्विंटल अाया है, तो संबंधित किसान को 10 क्विंटल का बीमा दावा भुगतान मिलेगा। कुछ किसानों ने फोन कर बीमा क्लैम की राशि कम मिलने की जानकारी दी है। इसका परीक्षण कराएंगे। इफको टोकियो बीमा कंपनी से सूची मंगवा ली गई है। परीक्षण में यदि रिपोर्ट गलत पाई जाती है, तो कंपनी से जानकारी लेंगे कि उन्होंने किस आधार पर क्लैम राशि जारी की है।

फैक्ट फाइल






सर्वे पर उठ रहे सवाल

जिन किसानों के खाते में 2 से 500 रुपए तक फसल बीमा राशि आई है, वे राजस्व विभाग की सर्वे रिपोर्ट पर सवाल उठा रहे हैं। इनका कहना है कि जब पैदावार आधे से भी कम हुई है, तब बीमा क्लैम का निर्धारण महज 2 से 500 रुपए तक कैसे किया गया। इनकी मांग है कि कृषि विभाग से दोबारा सर्वे कराकर सूखा पीड़ित किसानों को राहत दिलाएं। भाठागांव सहकारी समिति के अध्यक्ष निर्मल चंद्राकर का कहना है कि आनावारी रिपोर्ट में नुकसान का आंकलन कम किया गया है। पटवारियों ने सही रिपोर्ट नहीं दी। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भी खेतों तक नहीं पहुंचे। इसका नुकसान किसानों को हो रहा है।

किसानों की जुबानी - किसी के खाते में Rs. 70 आए तो किसी के 2 से 3 और किसी के 24

बीमा क्लैम भुगतान के पहले चरण में 8722 किसानों के बैंक खाते में राशि जारी की जा रही है। इनमें से 2 हजार से अधिक किसान ऐसे हैं, जिन्हें 2 से 5 रुपए ही बीमा क्लेम मिला है। ये किसान अब अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। कुरूद ब्लाक के ग्राम अछोटी में 163 किसानों के खाते में सबसे कम राशि आई है। इन्हें मात्र 2.83 रुपए से 1871 रुपए तक बीमा क्लेम मिला है। हकीकत जानने भास्कर ग्राम अछोटी पहुंचा, तब किसानों ने अपनी बर्बादी की गाथा सुनाई। उन्होंने कहा कि शासन ने फसल बीमा के नाम पर उनके साथ क्रूर मजाक किया है। गांव के रम्मूराम साहू ने ढाई एकड़ में धान की फसल ली थी। अल्पवर्षा के कारण मात्र 15 से 20 बोरा ही उत्पादन हुआ, जबकि 2016 के खरीफ सीजन में 35 से 40 बोरा प्रति एकड़ उत्पादन हुआ था। उसने बताया कि 13 हजार रुपए नुकसान हुआ है, जबकि बीमा क्लेम के रूप में उसके बैंक खाते में मात्र 2.83 रुपए ही आए हैं। पोखन साहू ने 4 एकड़ में धान की फसल ली थी, जिसे 35 हजार रुपए का नुकसान सूखे के कारण हुआ। अब बीमा क्लेम के रूप में उसके खाते में मात्र 70.12 रुपए ही आए हैं। अछोटी के ही अनुज कुमार को 10 से 12 हजार का नुकसान हुआ, पर उसे भी मात्र 2.83 रुपए का बीमा क्लेम मिला है। इसी तरह खेदूराम के खाते में 3.39 रुपए अाए, जबकि उसे 15 हजार नुकसान हुआ है। नरोत्तम साहू और परदेशीराम साहू के खाते में 6.69 रुपए आए हैं, जबकि इन्हें भी भारी नुकसान हुआ है। नगरी ब्लाक के समतरा निवासी नंदलाल के खाते में 24.42 रुपए, जीवराखन के खाते में 48.84 रुपए बीमा क्लेम के रूप में आए हैं। मगरलोड के मणिराम के खाते में 139 रुपए, धमतरी ब्लाक के ग्राम सियादेही निवासी सुखराम के खाते में 96.63 रुपए फसल बीमा के आए हैं, जबकि इन सभी किसानों को 15 से 20 हजार रुपए का नुकसान हुआ है।

2.83 रुपए आए

कुरूद के ग्राम अछोटी निवासी किसान रम्मूराम साहू के खाते में सिर्फ 2.83 रूपए आए फसल बीमा के।

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