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शासन चाहे जो भी कर ले... लिखने वाले शिक्षाकर्मियों को किया बहाल

शिक्षाकर्मियों के हड़ताल के दौरान डोंगरगांव ब्लॉक के पांच शिक्षाकर्मियों को राज्य शासन के आदेश पर बर्खास्त कर...

Dainik Bhaskar

Jan 06, 2018, 02:20 AM IST
शिक्षाकर्मियों के हड़ताल के दौरान डोंगरगांव ब्लॉक के पांच शिक्षाकर्मियों को राज्य शासन के आदेश पर बर्खास्त कर दिया गया था। जिन्हें हड़ताल समाप्त होने के बाद भी बहाल नहीं करने पर संबंधित शिक्षाकर्मी एवं उनके परिजन काफी परेशान थे।

हड़ताल समाप्ति उपरांत राज्य शासन ने एक आदेश जारी कर सभी बर्खास्त शिक्षाकर्मियों को बहाल करने का आदेश जारी किया था। परंतु डोंगरगांव के पांच शिक्षकों को बहाल नहीं किया जा रहा था। चूंकि उक्त शिक्षकों ने नोटिस में यह लिख दिया था कि शासन चाहे जो भी कर ले पर जब तक हड़ताल जारी रहेगी शिक्षाकर्मी हड़ताल से वापस नहीं लौटेंगे बाकी शासन को जो भी करना है कर ले, यह सब हड़ताली माहौल में हुआ था। परंतु इसी मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ा और शिक्षकों को बहाल नहीं किया जा रहा था। सीएम व सांसद से शिकायत के बाद अब इन तीनों शिक्षकों को बहाल कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि हड़ताल के दौरान सख्ती की गई थी।

सांसद और मुख्यमंत्री को मोर्चा ने दिया था आवेदन

शिक्षक मोर्चा के जिला संचालक एवं संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ छत्तीसगढ़ के जिलाध्यक्ष जाकेश साहू ने बताया कि उक्त मामले को मोर्चा की जिला टीम द्वारा विगत दिनों बोईरडीह में आयोजित साहू समाज के सम्मेलन में सांसद अभिषेक सिंह एवं मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को ज्ञापन सौंपकर बहाली की मांग की गई थी। जिस पर त्वरित समस्या समाधान की बात मुख्यमंत्री एवं सांसद ने कही थी। इसके बाद उक्त तीन शिक्षाकर्मियों ललित महाजन, शशांक साहू एवं टोमन चंद्रवंशी को उनके मूल स्कूल में बहाल कर दिया गया। इससे पूर्व ही दो अन्य शिक्षाकर्मियों रितेश दीक्षित एवं मनीष ठाकुर को पहले ही बहाल किया जा चुका था।

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