• Home
  • Chhattisgarh News
  • Dongargaon News
  • आलीवारा में ढाई सौ गांवों के देवी देवताओं की एक-साथ होगी पूजा
--Advertisement--

आलीवारा में ढाई सौ गांवों के देवी देवताओं की एक-साथ होगी पूजा

राज्य गठन के पूर्व छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और धार्मिक परंपरा से वर्तमान पीढ़ी को अवगत कराने करीब दो दशक पहले...

Danik Bhaskar | Feb 10, 2018, 02:30 AM IST
राज्य गठन के पूर्व छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और धार्मिक परंपरा से वर्तमान पीढ़ी को अवगत कराने करीब दो दशक पहले आलीवारा मे लोक मंडई की शुरुआत की गई थी। दूसरी बार यह आयोजन 10 एवं 11 फरवरी को होने जा रहा है। इस बार के आयोजन में कला, संस्कृति और धर्म का गंगा, जमुना मिलाप लोगों को देखने मिलेगा।

लोक मंडई का पहला आयोजन राज्य गठन के पहले किया गया था। राज्य की कला, संस्कृति के संवर्धन और संरक्षण के लिए शुरू किए गए इस कार्यक्रम का यह 9वां पड़ाव है, इससे पहले लोक मंडई का आयोजन आलीवारा के अलावा ठेलकाडीह, डोंगरगढ़, मुसरा, लाल बहादर नगर और सुरगी मे हो चुका है। 10 फरवरी से डोंगरगांव मे होने वाला आयोजन अब तक हुए कार्यक्रम से अलग हटकर और अदभुत होगा। इस बार के आयोजन में कला के साथ ग्राम देवी-देवताओं का अदभुत मिलन देखन को मिलेगा। आयोजन के लिए करीब 250 गांवों के देवी-देवताओं को आमंत्रित किया है। सभी गांव से बैरग मंडई के साथ बैगा, ग्राम पटेल, कोटवार और मंदिर से जुड़े लोग शामिल होंगे। आयोजन स्थल से बैरग मंडई की शोभायात्रा निकलेगी जो शीतला मंदिर जाएगी।

आयोजन स्थल पर धर्म, कला और संस्कृति की दिखेगी झलक

डोंगरगांव.आयोजन स्थल में तैयारियां का विधायक ने लिया जायजा।

रंगकर्मी भूपेंद्र साहू देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुति

सांस्कृतिक आयोजन की कड़ी में 10 फरवरी को रात्रि 6 बजे बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। रात्रि 8 बजे प्रसिद्ध रंगकर्मी भूपेन्द्र साहू के निदेशन में छत्तीसगढ़ के भूले बिसरे गीतों को नए रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस कार्यक्रम को साहू द्वारा लोक मंडई के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है। 11 फरवरी को रात्रि 6 बजे बच्चों की प्रस्तुति के बाद रात्रि 8 बजे से लोक मंडई की सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी।

जन अपेक्षाओं की जीवंत झांकी का होगा प्रदर्शन

आयोजन के दूसरे दिन 11 फरवरी को 3 बजे जन मांगों पर आधारित जीवंत झांकी की प्रदर्शनी का शुभारंभ। इस झांकी मे जनता की वर्तमान समस्याओं एवं अपेक्षाओं को चलित एवं स्थिर रूप मे प्रदर्शित किया जाएगा। 11 फरवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम दोपहर को आरंभ होकर रात्रि तक जारी रहेगा और लोग लोक मंडाई का आनंद ले सकेंगे यह आयोजन प्रदेश मे पहली बार होने जा रहा है। विधायक दलेश्वर साहू ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया।

22 मंदिर बनाए गए

कार्यक्रम स्थल पर 22 मंदिर बनाए गए हैं जिसमे मां दुर्गा के नौ अवतार के अलावा साहू समाज की अधिष्ठात्री भक्त माता कर्मा, देवांगन समाज की मां परमेश्वरी, निषाद समाज के राम भक्त गुहा, आदिवासी समाज के बूढ़ादेव ,पटेल समाज की मां शाकंभरी, संत रविदास, सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरू घासीदास, जैन समाज के भगवान महावीर, लोधी समाज के वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी, सिन्हा समाज के भक्तिन कलारिन दाई, बौद्ध समाज के तथागत गौतम बुद्ध, क्रॉस चर्च व अन्य देवी देवताओंं के दर्शन होंगे।

कार्यक्रम के साक्षी बनेंगे पीसी प्रभारी पुनिया व अन्य

11 फरवरी को कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी पीएल पुनिया, पीसीसी चीफ भूपेश बघेल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ.चरणदास महंत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे, सांसद ताम्रध्वज साहू, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा , पूर्व सांसद करूणा शुक्ला, कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू, जिला अध्यक्ष अलाली राम यादव, विधायक भोलाराम साहू, तेजकुंवर नेताम, गिरवर जंघेल सहित चित्ररेखा वर्मा आदि मौजूद रहेंगे।