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मितानिनों को ट्रेनिंग देकर नौकरी देना भूली सरकार

विधानसभा के बजट सत्र में डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू ने एएनएम व जीएनएम के रिक्त पदाें पर प्रशिक्षित मितानिनों...

Danik Bhaskar | Feb 17, 2018, 04:25 AM IST
विधानसभा के बजट सत्र में डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू ने एएनएम व जीएनएम के रिक्त पदाें पर प्रशिक्षित मितानिनों को नियुक्त किए जाने का सवाल किया। विधायक साहू ने पूछा कि स्वास्थ्य विभाग में कितने एएनएम व जीएनएम के पद रिक्त हैं। उक्त पदाें की प्रतिपूर्ति कितनी प्रशिक्षित मितानिनों से की गई है। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में 602 एएनएम व 1675 जीएनएम के पद रिक्त है, मितानिनों को रिक्त पदों के पूर्ति के लिए प्रशिक्षित नहीं किया गया है।

विधायक ने कहा कि आपने मितानिनों को प्रशिक्षण के पूर्व शर्त रखा कि जो मितानिन प्रशिक्षण लेगी व पुनः मितानिन के कार्य से वंचित होगा। प्रशिक्षण लेने के बाद सरकार उसे नौकरी भी नहीं दे पा रही है उल्टे वह मितानिन का कार्य कर रही थे वह भी चली गई। विभाग द्वारा नए भर्ती में प्रशिक्षित मितानिनों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है, जबकि विभाग द्वारा समय-समय पर नई भर्ती में सीट का निर्धारण व एक साल के सेवा अवधि वाले मितानिन को दो अंक से लेकर 10 अंक तक देने प्रावधानित किया गया था। जिस पर मंत्री चंद्राकर ने साफ तौर पर इंकार कर दिया कि कहीं भी ऐसा नहीं हुआ है कि प्रशिक्षण लेने वाले मितानिन को पुनः मितानिन कार्य से वंचित किया हो और सेवा भर्ती में संशोधन करने की बात कही। सामान्य प्रशासन विभाग को नई भर्ती में प्रशिक्षित मितानिनों को सेवा अवधि अनुसार अतिरिक्त अंक देने का प्रस्ताव भेजने की जानकारी दी। इस पर विधायक साहू ने समय सीमा की मांग की तथा क्या दायरा होगा व कब तक होगा, क्या मितानिनों का उम्र पार हो जाने के बाद के प्रश्न खड़े किए।