• Hindi News
  • Chhatisgarh
  • Doundilohara
  • संगीत कार्यशाला में कठपुतली कला के जरिए शिक्षा में उपयोगिता को बताया
--Advertisement--

संगीत कार्यशाला में कठपुतली कला के जरिए शिक्षा में उपयोगिता को बताया

शासकीय प्राथमिक शाला चिलमगोटा में 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन संगीत कार्यशाला का समापन बुधवार को हुआ। प्रशिक्षक सुभाष...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 03:25 AM IST
संगीत कार्यशाला में कठपुतली कला के जरिए शिक्षा में उपयोगिता को बताया
शासकीय प्राथमिक शाला चिलमगोटा में 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन संगीत कार्यशाला का समापन बुधवार को हुआ। प्रशिक्षक सुभाष बेलचंदन ने बताया कि कार्यशाला में लोक संगीत, सुगम संगीत, लोक वादन, कठपुतली कला, गेंड़ी नृत्य के साथ मुखौटा बनाना सिखाया गया। प्रशिक्षणार्थियों ने संगीतमय प्रणायाम की प्रस्तुति दी। शिक्षक बेलचंदन ने कठपुतली कला का प्रदर्शन किया व शिक्षण में इसकी उपयोगिता को स्पष्ट किया ।

मुख्य अतिथि बीईओ आरसी देशलहरा ने कहा कि ऐसे आयोजन से बच्चों का स्कुल से जुड़ाव बढ़ता है। अध्यक्षता कर रहे रंगकर्मी नारायण प्रसाद चंद्राकर ने कहा कि यह गांव गेड़ी नृत्य के माध्यम से पूरे प्रदेश में अपना नाम रोशन कर रहा है। शिक्षा और संगीत का अद्भुत मिलन यहां देखने को मिला। विशेष अतिथि ब्लाक स्त्रोत समन्वयक नसरुद्दीन अंसारी, सरपंच चिलमगोटा ललेश्वरी भुआर्य, जितेंद्र देशमुख, केपी साहू, श्रवण साहू थे। कार्यक्रम में श्रवण कुमार साहू, कैलाश बारले, शंभू राम भुआर्य, केजू राम इस्दा,हरिराम भंडारी, रामसाय भुआर्य, तुलेश साहू, माखन भुआर्य, परस राम रावटे मौजूद थे।

डौंडीलोहारा. चिलमगोटी में हुई कार्यशाला में सम्मानित करते हुए।

X
संगीत कार्यशाला में कठपुतली कला के जरिए शिक्षा में उपयोगिता को बताया
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..