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हार्मोन असंतुलन से महिलाओं में फैशियल हेअर की समस्या...

कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि दो करोड़ से अधिक महिलाओं को हिरसुटिज्म (महिलाओं के शरीर पर अत्यधिक बाल होना...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:10 AM IST

हार्मोन असंतुलन से महिलाओं में फैशियल हेअर की समस्या...
कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि दो करोड़ से अधिक महिलाओं को हिरसुटिज्म (महिलाओं के शरीर पर अत्यधिक बाल होना )है। उनके लुक और सुंदरता को प्रभावित करने के अलावा यह स्थिति कई और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं जैसे इंफर्टिलिटी का संकेत भी है। यह स्थिति किसी हार्मोन असंतुलन या अत्यधिक हार्मोन के उत्पादन के कारण विकसित होते ट्युमर का संकेत भी है। महिलाओं में मध्य रेखा, ठोड़ी, स्तनों के बीच, जांघों के अंदरूनी भागों, पेट या पीठ पर बाल होना अत्यधिक पुरूष हार्मोन एंड्रोजन स्त्रावित होने का संकेत है, जो एड्रीनल्स द्वारा या कुछ अंडाशय रोगों के कारण स्त्रावित होते हैं। इससे मोटापा भी बढ़ता है और अंडोत्सर्ग में रूकावट डालकर प्रजनन क्षमता कम हो जाती है।

à क्या हैं कारण: एड्रीनल्स ओवरीज़ और एडिपोज़ उतक एंड्रोजन्स के अधिक उत्पादन से होता है। पारिवारिक इतिहास होने से भी आशंका बढ़ जाती है। त्वचा की संवेदनशीलता एक और अनुवांशिक कारण है, जो टेस्टोस्टेरॉन का स्तर कम होने पर भी यह समस्या होती है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) की वजह से भी महिलाओं में चेहरे के बालों का अत्यधिक विकास होता है।

à इनसे बढ़ता है हार्मोन असंतुलन: ट्रांसफैट युक्त असंतुलित आहार में पोषक तत्व नहीं होते जिसकी वजह से भी हार्मोन असंतुलित होते हैं। साथ ही रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाले कॉस्मेटिक में मौजूद रसायन हार्मोन असंतुलित करते हैं।

à प्राकृतिक ढंग से हार्मोन संतुलन के लिए: रेड मीट, पैक डेयरी प्रोडक्ट, सोयाबीन न खाएं। विटामिन और मिनरल युक्त आहार लीजिए। काबुली चने, अलसी, क्विनोआ, अखरोट टेस्टोस्टोरन हार्मोन को कम करने में मददगार हैं। इन्हें अपने आहार में बढ़ाइए। बाल हटाने के लिए हल्दी को पानी में मिलाकर पेस्ट चेहरे पर 20 मिनट के लिए चेहरे पर लगाकर धो लीजिए।

हेल्थ

डॉ. उर्मिला शर्मा

आईवीएफ एक्सपर्ट, जयपुर

कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि दो करोड़ से अधिक महिलाओं को हिरसुटिज्म (महिलाओं के शरीर पर अत्यधिक बाल होना )है। उनके लुक और सुंदरता को प्रभावित करने के अलावा यह स्थिति कई और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं जैसे इंफर्टिलिटी का संकेत भी है। यह स्थिति किसी हार्मोन असंतुलन या अत्यधिक हार्मोन के उत्पादन के कारण विकसित होते ट्युमर का संकेत भी है। महिलाओं में मध्य रेखा, ठोड़ी, स्तनों के बीच, जांघों के अंदरूनी भागों, पेट या पीठ पर बाल होना अत्यधिक पुरूष हार्मोन एंड्रोजन स्त्रावित होने का संकेत है, जो एड्रीनल्स द्वारा या कुछ अंडाशय रोगों के कारण स्त्रावित होते हैं। इससे मोटापा भी बढ़ता है और अंडोत्सर्ग में रूकावट डालकर प्रजनन क्षमता कम हो जाती है।

à क्या हैं कारण: एड्रीनल्स ओवरीज़ और एडिपोज़ उतक एंड्रोजन्स के अधिक उत्पादन से होता है। पारिवारिक इतिहास होने से भी आशंका बढ़ जाती है। त्वचा की संवेदनशीलता एक और अनुवांशिक कारण है, जो टेस्टोस्टेरॉन का स्तर कम होने पर भी यह समस्या होती है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) की वजह से भी महिलाओं में चेहरे के बालों का अत्यधिक विकास होता है।

à इनसे बढ़ता है हार्मोन असंतुलन: ट्रांसफैट युक्त असंतुलित आहार में पोषक तत्व नहीं होते जिसकी वजह से भी हार्मोन असंतुलित होते हैं। साथ ही रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाले कॉस्मेटिक में मौजूद रसायन हार्मोन असंतुलित करते हैं।

à प्राकृतिक ढंग से हार्मोन संतुलन के लिए: रेड मीट, पैक डेयरी प्रोडक्ट, सोयाबीन न खाएं। विटामिन और मिनरल युक्त आहार लीजिए। काबुली चने, अलसी, क्विनोआ, अखरोट टेस्टोस्टोरन हार्मोन को कम करने में मददगार हैं। इन्हें अपने आहार में बढ़ाइए। बाल हटाने के लिए हल्दी को पानी में मिलाकर पेस्ट चेहरे पर 20 मिनट के लिए चेहरे पर लगाकर धो लीजिए।

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