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दोपहर 2 बजे तक 40 डिग्री पारा, फिर डेढ़ घंटे में 18 मिमी बारिश,टमाटर को नुकसान

बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात का असर शनिवार को शहर में दिखाई दिया। इसके चलते दोपहर तक तक 39.2 डिग्री सेल्सियस तक...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:15 AM IST
बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात का असर शनिवार को शहर में दिखाई दिया। इसके चलते दोपहर तक तक 39.2 डिग्री सेल्सियस तक तापमान होने के बाद भी करीब डेढ़ से दो घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस दौरान मौसम विभाग ने 18.4 मिमी बारिश दर्ज की। पहले तेज हवाओं के साथ बारिश भिलाई में हुई। इसके बाद दुर्ग का मौसम बदला। लालपुर मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि, आर्द्रता बढ़ने की वजह से बारिश हुई। करीब 35 मिनट तक दुर्ग-भिलाई में ओलावृष्टि भी हुई। इस पर मौसम विशेषज्ञों का कहना था कि जिन क्षेत्र में नाइट्रोजन गैस का कम दबाव होता है। उन जगहों पर ओला वृष्टि की ज्यादा संभावना रहती है। रविवार को भी दोपहर के बाद ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान मौसम वैज्ञानिकों का है।

डेढ़ घंटे की बारिश में दुर्ग की सड़कों में पानी भर गया। भिलाई में भी यही हाल था।

दोपहर 1 बजे नहीं था सिस्टम, 3 बजे बारिश

लालपुर मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि, दोपहर 1 बजे तक बारिश का कहीं कोई सिस्टम नहीं बना था। हां, तेलंगाना और साउथ छत्तीसगढ़ में बारिश के आसार दिख रहे थे। दुर्ग-भिलाई व उससे लगे इलाके में आर्द्रता बढ़ने की वजह से क्लाइमेट बना और बारिश हुई। इसलिए बारिश के साथ ओले भी गिरे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, ओले गिरने के आसार नहीं थे।

बेमौसम इस बारिश का असर कहां-कहां पर, जानिए...

फसल: शहर में एकाएक बेमौसम बारिश ने चिलचिलाती गर्मी से राहत जरूर महसूस की। लेकिन कृषि विशेषज्ञों का कहना था कि अगर फसल की पौध छोटी है तो फायदा होता है। लेकिन इस दौरान कीट काफी पैदा हो जाते हैं। वर्तमान में टमाटर की फसल भारी नुकसान होगा।

आने वाले दिनों का संभावित मौसम

2 दिन और बारिश की संभावना

मौसम विशेषज्ञ डॉ. संतोष सार ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में पिछले कई दिनों से लो प्रेशर जोन डेवलप हो रहा था। इसके चलते 3 से 4 अप्रैल के बीच तेज हवाओं के बारिश की संभव जताई जा रही थी। हालांकि मौसम से संबंधित एडजेक्ट भविष्यवाणी संभव नहीं होती। ऐसे में एक-दो दिन आगे या पीछे होता रहता है। शनिवार को हुई बारिश के बाद आने वाले दिनों में बारिश की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई है।

सेहत: वहीं डॉक्टर्स भी इसे स्वास्थ्य की दृष्टि ठीक नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि हालांकि इससे कोई संक्रामक बीमारी तो नहीं फैलती। लेकिन इस दौरान ज्यादा देर पानी में भीगने से वायरल, सर्दी-जुकाम, इन्फेक्शन का खतरा थोड़ा बढ़ जाता है।

एक अप्रैल

20 मिनिमम

37 मैक्सिमम

दो अप्रैल

20 मिनिमम

38 मैक्सिमम

बदल रहा जलवायु

मौसम विशेषज्ञों की माने तो आने वाले दिनों में बेमौसम बारिश की संभावना ज्यादा रहेगी। क्योंकि जलवायु हर 70 से 80 साल में बदलता रहता है। 15 जून से शुरू होने वाली बारिश की तारीख 1 जून या मई तक आ सकती है। जलवायु से ऋतु प्रभावित होती है। यह बदलते पर्यावरण के कारण है।

तीन अप्रैल

21 मिनिमम

38 मैक्सिमम