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एचएमएस व एटक भी नहीं होंगे 5 के प्रदर्शन में शामिल

संयुक्त यूनियन में फूट का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। इस्पात श्रमिक मंच मंगलवार को ही अलग हो चुका था। दूसरे दिन...

Danik Bhaskar

Mar 01, 2018, 02:20 AM IST
संयुक्त यूनियन में फूट का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। इस्पात श्रमिक मंच मंगलवार को ही अलग हो चुका था। दूसरे दिन यानि बुधवार को भिलाई श्रमिक सभा (एचएमएस) व एटक ने भी संयुक्त यूनियन से किनारा कर लिया है। तीन यूनियनों ने सीटू पर डबल स्टैंडर्ड राजनीति करने का आरोप लगाया है।

दरअसल 21 फरवरी को इंटक कार्यालय में यूनियनों की बैठक हुई थी। जिसमें सीटू, इंटक, एचएमएस, एटक और इस्पात श्रमिक मंच के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में रणनीति बनी की वेज रिवीजन के लिए एनजेसीएस की बैठक जल्द बुलाने के लिए पांच मार्च को बोरिया गेट के साथ संयुक्त रूप से प्रदर्शन करेंगे। लेकिन सीटू ने 27 फरवरी को उसी मुद्दे को लेकर बोरिया गेट में अकेले प्रदर्शन कर दिया।

इसके बाद से संयुक्त यूनियन में फूट पड़ गई है। मंच ने उसी दिन अपने को संयुक्त यूनियन से अलग करने की घोषणा करते हुए पांच मार्च के प्रदर्शन में शामिल नहींं होने का निर्णय ले लिया था। बुधवार को एचएमएस और एटक ने भी उसका अनुसरण करते हुए प्रदर्शन में शामिल नही होने का फैसला लिया। इसके बाद संयुक्त यूनियन 4 यूनियनें ही रह गई हैं।

सीटू दिखावे के लिए करती है विरोध, प्रबंधन से साठगांठ

एचएमएस की बैठक में सदस्यों ने सीटू के रवैए पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वह सेफ्टी कमेटी का विरोध का दिखावा करती है तथा अपने यूनियन के पदाधिकारियों को पिछले दरवाजे से कमेटी में स्थान दिलाती है। सीटू की कथनी और करनी में अंतर है। एक ओर सीटू प्रबंधन से मिलकर श्रमिक विरोधी निर्णय लेती है और प्रबंधन का विरोध करने का दिखावा करती है। आगे इस यूनियन के कारनामों का एक बार खुलासा किया जाएगा। ताकि कर्मियों को उनकी हकीकत का पता चल सके।

चुनावी लाभ: सीटू डबल स्टैंडर्ड राजनीति कर रही

एटक के महासचिव विनोद सोनी ने सीटू पर डबल स्टैंडर्ड राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने 27 फरवरी के प्रदर्शन पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि चुनाव को देखते हुए उसे अलग से प्रदर्शन करना ही था तो संयुक्त यूनियन में शामिल ही नही होते। किसी ने उन पर संयुक्त यूनियन में शामिल होने के लिए दबाव तो नहीं डाला था। अच्छा खासा माहौल बन रहा था उसे सीटू की एक हरकत ने खराब कर दिया। इसके पहले भी वह ऐसा कर चुकी है। अब तो भरोसा खत्म हो भी चुका है।

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