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मिडिल स्कूल के उन्नयन का मिला आश्वासन, स्कूल में पढ़ाई हुई शुरू

भास्कर न्यूज | नंदिनी अहिवारा अहिवारा नगर पालिका क्षेत्र के बानबरद में मिडिल स्कूल के उन्नयन की मांग को लेकर चल...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:35 AM IST
भास्कर न्यूज | नंदिनी अहिवारा

अहिवारा नगर पालिका क्षेत्र के बानबरद में मिडिल स्कूल के उन्नयन की मांग को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को समाप्त हुई। आने वाले शिक्षा सत्र में यहां हाईस्कूल की कक्षा संचालित करने के आश्वासन पर छात्र, पालक और जनप्रतिनिधि शांत हुए। एसडीएम डॉ. विकास नायक ने प्रदर्शनकारियों से एक घंटे तक चर्चा की और मांग पूरी करने भरोसा दिलाया।

जानकारी के अनुसार शासकीय माध्यमिक शाला बानबरद को हाईस्कूल में उन्नयन की मांग को लेकर नागरिक, विद्यार्थी और पालकों ने 26 फरवरी से अनिश्चितकालीन बहिष्कार आंदोलन शुरू कर दिया था। आंदोलन में शाला के लगभग सारे विद्यार्थी स्कूल नहीं जा रहे थे। पालकों का कहना था कि यह मांग लगभग 15 सालों से की जा रही है, लेकिन हर साल आश्वासन ही मिल रहा था। शिक्षा मंत्री ने खुद इस उन्नयन का आश्वासन दिया गया, जो आज तक कोरा सही साबित हुआ।

पालकों और एसडीएम के बीच एक घंटे तक चर्चा, तब प्रदर्शन समाप्त

एसडीएम सहित प्रशासन के अफसरों ने शाला के छात्र-छात्राओं को हर सुविधा मुहैया कराने का भरोसा दिया।

आने वाले सत्र में किया जाएगा स्कूल का उन्नयन, कक्षाएं जून से शुरू होंगी

बुधवार को धमधा एसडीएम डॉ. विकास नायक और तहसीलदार कौशल ने बानबरद पहुंचकर आंदोलन में बैठे पार्षद लीलाधर साहू, अशोक बारले, राकेश बरहरे, विजय बारले, उषा कोसरे, हेमलता साहू, सूर्यकांत वैष्णव और सभी पालकों, छात्रों को यह आश्वासन दिया कि आगामी शिक्षा सत्र 2018-19 में शासकीय माध्यमिक शाला बानबरद का हाईस्कूल में उन्नयन कर दिया जाएगा। यहां जून, जुलाई में कक्षा नवमीं की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी।

कांग्रेसियों ने लगाए आरोप, विधायक डाहरे ने फोन पर दिया आश्वासन

इधर विधायक सांवलाराम डाहरे ने फोन पर ही चर्चा करते हुए आंदोलनकारियों से कहा कि शासन से इस वर्ष बानबरद में हाईस्कूल में उन्नयन की मांग प्रमुखता से रखी गई है। दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य ओनी महिलांग ने कहा कि यह सरकार विकास से नहीं बल्कि सिर्फ वादे पर टिकी है। शिक्षा मंत्री से इस समस्या को लेकर मुलाकात की थी, लेकिन वे भी उन्नयन नहीं करा पाए। आज स्कूली बच्चों को भी आंदोलन में बैठना पड़ा।