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25 वर्ग मी. में बना सकेंगे मकान, 90 दिन में मिलेंगे 1.20 लाख, 2022 तक बनाने का दावा

जिला पंचायत के सभागार में हुई बैठक। नियम में संशोधन की दी गई जानकारियां। घरों में शौचालय नहीं होने पर 12 हजार...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:50 AM IST
जिला पंचायत के सभागार में हुई बैठक। नियम में संशोधन की दी गई जानकारियां।

घरों में शौचालय नहीं होने पर 12 हजार रुपए की जाएगी मनरेगा से स्वीकृत

हुई बैठक में परियोजना अधिकारी केके तिवारी, बीके शर्मा, वेदप्रकाश देवांगन, प्रवीण वर्मा, भीम सेन गुप्ता सहित अन्य मौजूद थे। उनके अलावा सभी ब्लॉक से सचिव बैठक में शामिल हुए। सीईओ ने कहा कि ऐसे हितग्राही पात्र होगे जो सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 के आंकड़ों अनुसार आवासहीन अथवा दो कमरे के कच्चे मकान में रहते हैं। सांसद व विधायक आदर्श ग्राम, गौण खनिज घोषित ग्राम पंचायतों में आवास का काम जल्द शुरू हो। उन्होंने बताया कि 1.20 लाख रुपए की राशि आवास निर्माण के लिए 90 दिन में दी जाएगी। शौचालय न होने पर 12 हजार रुपए मनरेगा से स्वीकृति दी जाएगी।

ऐसे भी गांव जहां एक भी आवास स्वीकृत नहीं

जिले में ऐसे भी गांव सामने आए हैं, जहां एक भी पीएम आवास की मंजूरी नहीं दी गई है। इसमें धमधा का धौराभाठा, पंचदेवरी, पाटन का अचानकपुर शामिल है। दुर्ग के कोटनी, आमरी, आलबरस, कुटेलाभाठा में एक-एक आवास स्वीकृत किए गए। ऐसे भी पंचायत हैं, जहां दो से चार आवास ही स्वीकृत किए गए।

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पीएम आवास को लेकर मामला विधानसभा में उठ चुका है। इसमें कहा गया कि 2 साल में केवल 9062 की स्वीकृति ग्रामीण क्षेत्रों में दी गई। जबकि 55 हजार से अधिक आवासहीन परिवार इस समय हैं। जो स्वीकृति दी गई, उसमें भी 4 हजार 941 का पैसा व निर्माण अब भी अधूरा है। इसमें 38 ऐसे भी हितग्राही हैं, जिन्हें प्रथम किश्त की राशि 48 हजार तक नहीं मिल पाई है। उनके अलावा 589 को दूसरी 48 हजार व 506 हितग्राही को तीसरी व अंतिम शेष की किश्त नहीं मिल पाई है। ऐसे में इस योजना के पूरा होने में काफी देरी हो गई है।

28.14 लाख रुपए का वितरण है बचा हुआ

खबर है कि इस पूरे मामले में स्वीकृत 9062 हितग्राहियों को करीब 1 अरब 8 करोड़ 74 लाख 40 हजार रुपए जारी किया जाना है। इसमें 4,121 मकान बनाने का काम पूरा किया जा चुका है। प्रथम किश्त 8959, दूसरी किश्त 6912 व तीसरी किश्त 3615 को ही जारी की जा सकी है। वजह है कि शासन ने इसके लिए आगामी फंड ही जारी नहीं किया गया है। 28 लाख 14 लाख 48 हजार रुपए की राशि का वितरण शेष है। इसकी वजह से भी काम के पूरा होने में लगातार देरी हो रही है। वैसे अफसरों का दावा है कि निश्चित समय तक केंद्र सरकार से मिला लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। इससे सहूलियतें मिलेगी।

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