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बेल्हारी में 1 महीने में 30 बच्चों समेत 40 लोगों को चिकनपॉक्स, स्वास्थ्य विभाग का कैंप तक नहीं, ग्रामीणों ने लिया फैसला-नहीं मनाएंगे होली

भास्कर न्यूज | जामगांव आर(बेल्हारी) पाटन ब्लाक के ग्राम बेल्हारी में चेचक (चिकनपॉक्स) बीमारी के प्रकोप से तीन...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:55 AM IST
भास्कर न्यूज | जामगांव आर(बेल्हारी)

पाटन ब्लाक के ग्राम बेल्हारी में चेचक (चिकनपॉक्स) बीमारी के प्रकोप से तीन दर्जन बच्चे समेत 40 लोग बीमार हो गए हैं। गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र की रिपोर्ट माने तो सिर्फ फरवरी में ही 40 लोगों को चिकनपॉक्स हुआ है। यह गांव में बढ़ते ही जा रहा है। करीब 30 बच्चे इसके प्रकोप में है। बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने यहां काेई कैंप नहीं लगाया। जिससे ग्रामीणों को इस बीमारी से बचाया जा सके।

हर तीसरे घर में चिकनपॉक्स का पेशेंट होने की वजह से बेल्हारी के ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि वे इस साल होली नहीं मनाएंगे। इसके बजाय शीतला माता के मंदिर में पूजा करेंगे। इसका सामूहिक निर्णय ग्रामीणों ने लिया है। गांव में चिकनपॉक्स की शुरुआत दीपावली के बाद से हुई है।

बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित

ग्राम प्रमुख व पंचायत के उप सरपंच मंजूलाल भारती ने बताया कि छोटी माता (चेचक) के प्रकोप के चलते ग्रामीण मान्यता का पालन करते हुए पूरा गांव इस बार होली नहीं मनाएंगे। गांव में न तो होलिका दहन होगा और न ही रंग गुलाल खेलेंगे।

सिर्फ गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र की कार्यकर्ता ने बांटी दवा, दी सूचना

स्थानीय उप स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य कार्यकर्ता इंदिरा अहीर ने जानकारी मिलने पर रोगग्रस्त घरों में जाकर सर्वे किया और दवा दी। बताया कि इसकी रिपोर्ट खंड चिकित्सा अधिकारी को दे दी गई है, पर यह नाकाफी है। क्योंकि ज्यादातर लोग अभी भी ग्रामीण मान्यता के अनुसार देशी इलाज पर ही भरोसा कर रहे हैं। गांव में प्रिया साहू, पुरुषोत्तम यादव, आयुष गोलछा, होमेंद्र साहू, भोला साहू, तारिणी धनकर सहित तीन दर्जन बच्चे और ज्यादातर किशोर उम्र के लोग इससे पीड़ित है। इसकी जानकारी पाटन बीएमओ को दी है।

ग्रामीणों की मांग- स्वास्थ्य विभाग लगाए जल्दी शिविर

गांव के सनत शर्मा ने बताया कि गांव में चेचक का प्रकोप काफी दिनों से चल रहा है। लोगों को दोबारा भी प्रकोप हो रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कोई बड़ा चिकित्सक या कर्मचारी इस मामले में गंभीर नहीं है। ग्रामीण यादमल गोलछा ने कहा कि इससे पहले यह महामारी का रूप ले, स्वास्थ्य अमले को यहां शिविर लगाकर लोगों का उपचार करना जरूरी है। साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जाना चाहिए। पहले भी मांग करते आ रहे हैं।

हर तीसरे घर में मरीज

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बच्चे होते हैं इससे ज्यादा प्रभावित

एक्सपर्ट्स कहते हैं, चिकन पॉक्स एक ऐसी बीमारियों में से एक है, जो आमतौर पर बच्चों को प्रभावित करता है। बुखार, सिरदर्द, गले में खराश इसके लक्षण है। सबसे बुरा हिस्सा बॉडी का लाल और दानेदार होना है।