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हेड मास्टर की अशिक्षित पत्नी से चिटफंड एजेंट ने ठगे 6 लाख, दो गिरफ्तार

तीन गुना रकम होने का झांसा : जिले में इस तरह का पहला मामला सामने आया

Dainik Bhaskar

Aug 09, 2018, 12:31 PM IST
डमी फोटो डमी फोटो

बालोद। अब तक हमने देखा था कि चिटफंड कंपनी ने कई लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की है। जिनका पैसा आज भी नहीं मिला है। पर जिले में बुधवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें चिटफंड कंपनी नहीं बल्कि कंपनी के एजेंट ने 6 लाख की ठगी की है। आरोपी बोरिद खुर्द निवासी भूपेन्द्र कुमार साहू (49) व सहयोगी महावीर साहू निवासी सोरम को धमतरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

- आरोपी ने गुरुर ब्लाक के ग्राम बागतराई की 50 वर्षीय हेमिन बाई सोम से ठगी की थी। महिला अनपढ़ है। पति झाड़ू राम सोम मुड़खुसरा (गुरुर) स्कूल में हेडमास्टर थे। उनकी मौत के बाद उनके द्वारा जमा किया गया पैसा पत्नी को मिला था। जिसे पत्नी ने देना बैंक व सेंट्रल बैंक धमतरी में जमा किया था। भूपेन्द्र कुमार साहू एडीवी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड इन्दौर धमतरी शाखा का एजेंट है। उक्त चिटफंड कंपनी भी बंद हो गई है।

इस तरह से महिला को लिया झांसे में
- प्रार्थी हेमिन बाई सोम ने बताया कि जब उनके पति जीवित थे तो आरोपी भूपेन्द्र से उनकी दोस्ती होने के कारण घर में आना जाना था। उनके निधन के बाद एक दिन आरोपी घर आया। कहने लगा कंपनी में पैसा जमा कर दो। तीन गुना मिलेगा।

- पहले से पहचान व अनपढ़ होने के कारण ठगी से अनजान होकर उन्होंने 6 लाख रुपए सेंट्रल व देना बैंक खाते से निकाल कर आरोपी को दिया। आरोपी ही बाकायदा उसे गाड़ी में बैठाकर धमतरी ले गया। जहां सहयोगी आरोपी महावीर साहू भी था।

- दोनों ने बैंक से पैसा निकलवाया और कुछ दिन बाद कंपनी का बांड पेपर दिया। कहने लगा कि 2022 तक तुम्हारा पैसा तीन गुना यानि 18 लाख रुपए हो जाएगा।


जो बांड पेपर दिया था वह भी फर्जी
- धमतरी कोतवाली थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने बताया आरोपी ने महिला को जो बांड पेपर दिया, वह भी नकली था। आरोपी ने महिला के साथ बैंक जाकर 7 मई 2014 को पैसा निकाला था लेकिन बांड पेपर में उसके पहले की तारीख 30 अप्रैल 2014 लिखा था यानि आरोपी ने पहले से सब तैयारी की थी।

- महिला अनपढ़ होने के कारण बांड पेपर को सही समझकर अपने पास ही रखा था। महिला को 2016 में पैसे की जरूरत पड़ने पर भूपेन्द्र से कंपनी से पैसा वापस दिला दो कहा तो उसने आवेदक पावती लाकर दिया। बोला कि कुछ दिनों में पैसा मिल जाएगा, लेकिन नहीं मिला।

- अनपढ़ होने के कारण वह ठगी को पहले से भांप नहीं सकी। जब पैसा वापस मिलने में देरी हुई तो महिला एडीवी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड धमतरी घड़ी चौक के आॅफिस गई। वहां के स्टाफ ने बताया कि उसके नाम से यहां कोई पैसा जमा नहीं है। तब ठगी का पता चला।

6 महीने में पैसा वापस करने स्टाम्प में लिखकर भी दिया था
- जब महिला भूपेन्द्र से बोली कि तुम मेरे नाम से पैसे जमा नही किए हो, मेरा पैसा वापस करो तो भूपेन्द्र साहू ने तहसील कार्यालय गुरुर में 50 रुपए के स्टाम्प पेपर पर 3 अक्टूबर 2016 को इकरारनामा किया कि 6 माह में पैसा वापस करूंगा। उसके बाद भी पैसा नहीं दिया।


आईजी से भी हुई शिकायत तब हुई कार्रवाई
- इकरारनामा के बाद भी पैसा नहीं देने पर महिला ने एसपी से शिकायत की। तत्कालीन टीआई संतोष जैन पर भी कार्रवाई नहीं कर मिलीभगत करने का आरोप लगाते हुए आईजी रायपुर से पिछले महीने शिकायत की थी।

- जिसके बाद आईजी ने एसपी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आरोपी की प्लानिंग थी कि अगर उसकी ठगी पकड़ी नहीं जाती तो वह बाद में चिटफंड कंपनी बंद होने पर महिला से कह देता कि पैसा डूब गया या और कोई बहाना बता देता।


जहां पैसा दोगुना की बात आई, समझो धोखा: एसपी
- एसपी आईके एलिसेला ने लोगों को हर तरह की ठगी से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जहां लोग आपको पैसा दोगुना तिगुना या बिना मेहनत के कोई चीज दिलाने का लालच दे तो समझ जाओ धोखा है। ऐसा करने से आप अपनी जमा पूंजी भी गंवा सकते हैं। बालोद जिले में कई साइबर व चिटफंड ठगी के मामले चल रहे हैं। लोगों को सावधान व जागरूक होने की जरूरत है।

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