--Advertisement--

भिलाई: डेंगू से 18 घंटों में 3 बच्चे, 1 युवक और 1 महिला की मौत

क्योंकि... नालियां हैं पर निकासी नहीं, डेढ़ साल से सफाई ठेका नहीं हुआ

Dainik Bhaskar

Aug 10, 2018, 12:48 AM IST
ये है हकीकत... भिलाई| वार्ड 29 खुर ये है हकीकत... भिलाई| वार्ड 29 खुर

  • 23 वार्ड वाले टाउनशिप एरिया में झाड़ियों की सफाई नहीं हुई
  • भिलाई में कचरा सेग्रिगेशन के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड तक नहीं, जहां मर्जी कचरा डालते हैं निगमकर्मी

भिलाई. सरकारी तंत्र की लापरवाही से भिलाई में डेंगू बेलगाम हो गया है। पिछले 18 घंटे में 5 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बार भी डेंगू ने खुर्सीपार के लोगों को निशाना बनाया। 30 जुलाई से अब तक डेंगू से भिलाई में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन अफसर स्थिति दुरूस्त करने की बजाय जिम्मेदारी एक-दूसरे पर टाल रहे हैं।

हालत ये है कि भिलाई डेढ़ साल से सफाई ठेका न होने से सफाई कलेक्टर दर पर हो रही है। डेंगू से सबसे अधिक प्रभावित खुर्सीपार है, यहां घनी आबादी है। लेकिन इस क्षेत्र में नालियां तो हैं, पर निकासी की व्यवस्था नहीं है।

दिनेश दलाई: 7 साल के इस बच्चे को शनिवार को बुखार आया। सेक्टर-10 के डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने दवा दी और डेंगू टेस्ट कराया, जो पाॅजीटिव निकला। फिर बच्चा सेक्टर-9 में भर्ती हुआ। पर बुधवार रात मौत हो गई।

टोमेंद्र सेन: इस 22 वर्षीय युवक को शुक्रवार को बुखार आया। स्पर्श अस्पताल की जांच में डेंगू पॉजिटिव निकला। परिजन ने रायपुर ले गए और मेकाहारा में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई।

मिमांसा साकरे:13 वर्षीय इस बच्ची को गुरुवार को बुखार आया। सेक्टर-9 में भर्ती हुई। जांच में डेंगू पीड़ित निकली। इलाज के दौरान मौत।

प्रियंका प्रसाद: 5 वर्षीय इस बच्ची को पहले हल्का बुखार आया। डेंगू पुष्ट हुआ तो चंदूलाल हॉस्पिटल से जिला अस्पताल रेफर हुई। परिवार रातभर वहां भटका, सुबह एम्स में उपचार के दौरान मौत हो गई।
शीला देवी: 25 साल वर्षीय इस महिला को 10 दिन पहले बुखार हुआ। सुपेला के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में इलाज हुआ। फिर बुखार आने पर परिजन सुबह 4 बजे शास्त्री ले गए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

ऐसे करें बचाव : डॉ. जय तिवारी के अनुसार पपीते में प्रोटीन ज्यादा होता है। इसके एक्सट्रैक्ट का उपयोग कर सकते हैं। डॉ. हरींद्र मोहन शुक्ला के अनुसार बकरी के दूध, पपीते की पत्ती और गिलोय में भी प्रोटीन अधिक होता है। ये प्लेटलेट्स को संतुलित रखने में सहयोगी होते हैं।

250 से ज्यादा मरीज अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं: डेंगू के लिए निगम जिम्मेदार नहीं है। सामान्य मौत डेंगू बताई जा रही है। लोग लापरवाही हैं।’’- केएल चौहान, आयुक्त, न.नि.,भिलाई

- पिछले 15 दिन से डेंगू को लेकर सचेत कर रहा हूं। लेकिन अफसर ध्यान नहीं दे रहे।’’ - देवेंद्र यादव, मेयर, भिलाई
- मई से जून तक अभियान चला। टाउनशिप में रहने वाले अफसरों और पढ़े-लिखे लोगों पर बेअसर रहा।’’-केके यादव, इंचार्ज, पीएचडी, बीएसपी

X
ये है हकीकत... भिलाई| वार्ड 29 खुरये है हकीकत... भिलाई| वार्ड 29 खुर
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..