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बारिश में बीमारियां ज्यादा, झाड लगाना जरूरी: पीएचडी फुहारों से हो जाती है सफाई, क्यों खरीदें झाड: फायनेंस

बरसात के तीन माह बीएसपी टाउनशिप की सड़कों की सफाई अब झाड़ू से नहीं, बारिश की फुंहारों से करने की योजना प्रबंधन की है।...

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2018, 02:12 AM IST
Bhilai - बारिश में बीमारियां ज्यादा, झाड लगाना जरूरी: पीएचडी 
 फुहारों से हो जाती है सफाई, क्यों खरीदें झाड: फायनेंस
बरसात के तीन माह बीएसपी टाउनशिप की सड़कों की सफाई अब झाड़ू से नहीं, बारिश की फुंहारों से करने की योजना प्रबंधन की है। बीएसपी के फाइनेंस डिपार्टमेंट ने बरसात में सड़कों पर झाड़ू लगाने को औचित्यहीन बताया है। स्वीपिंग कार्य के होने वाले टेंडर से पूर्व उसका तर्क दिया है कि, बरसात में सड़कें पानी के फुहार से ही साफ हो जाती है। झाड़ू लगाने की कोई आवश्यकता नहीं होती। इन तीन माह सड़कों पर झाड़ू लगाने के लिए पैसा दिया जाना फजूलखर्ची हैं।

पीएचडी सकते में है फाइनेंस सेक्शन को बारिश में संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने की लिए सड़कों पर झाड़ू लगाना जरूरी बताते हुए, एक पत्र निगम को लिखकर पूछा है कि बारिश में क्या वह भी अपनी सड़कों की साफ-सफाई बारिश की फुहारों के भरोसे छोड़ देते हैं?

डेंगू जैसी संक्रामक बीमारी बारिश में फैलने के बावजूद बीएसपी के फायनेंस डिपार्टमेंट ने कास्ट कटिंग के चक्कर में झाड़ू नहीं लगाने की नसीहत पीएचडी को दे दी है, जबकि बारिश में यह ज्यादा जरूरी है, अब इस मसले पर फाइनेंस और पीएचडी आमने-सामने हो गए हैं, लेकिन टाउनशिप के लिए सफाई जरूरी है

डेंगू का प्रकोप फैलने के बाद टाउनशिप में सुबह से लेकर दोपहर तक सफाई कराई जा रही है।

टाउनशिप के 23 वार्डों की सफाई करता है बीएसपी

टाउनशिप के सभी सेक्टर में 700 से ज्यादा आंतरिक व प्रमुख सड़क

सेक्टर एरिया के भूगोल को देखें तो यहां 700 से ज्यादा सड़कें हैं। 2900 क्वार्टर में रहने वाले और बाहर से आने जाने वालों की भीड़ सड़कों से ही गुजरती है। बारिश के मौसम में सड़कों पर जमा हुई थोड़ी सी धूल कैसा रूप ले लेती है। यह डेंगू संक्रमण के इस दौर में पीएचडी को खूब समझ में आ रहा है। फाइनेंस डिपार्टमेंट अब भी साफ-सफाई की महत्ता को नहीं समझ पाया है।

जबकि, नवंबर में पूरी हो रही सफाई के ठेके की मियाद

सेक्टर एरिया में सफाई के ठेके की मियाद नवंबर में खत्म हो रही है। पिछले वर्ष सड़कों की सफाई के लिए चार कंपनियों को ठेका दिया गया था। मियाद पूरी होने से पहले ठेका हो जाना जरूरी है, इसलिए फाइनेंस डिपार्टमेंट हरकत में है। बरसात के तीन माह पैसे देने में फिलहाल अड़ंगा लगाया है। ठेका देने में हुई देरी का दंश फिर भिलाई न भुगते इसलिए पीएचडी सजग है।

एक्सपर्ट व्यू: बरसात में तो ज्यादा जरूरी है सफाई...

बीएम शाह हॉस्पिटल के सीनियर फिजिशियन डॉक्टर एसके गोवर्धन कहते हैं, सफाई तो हमेशा करनी चाहिए, बारिश में ज्यादा सफाई ज्यादा संवेदनशील होता है। अगर सफाई नहीं हुई तो संक्रमित बीमारी मलेरिया, डेंगू, हैजा जैसी अन्य बीमारियों का फैलने का खतरा रहेगा। डॉ. गोवर्धन ने कहा, अगर बीएसपी कास्ट कटिंग के लिए ऐसा कर रहा है तो यह ठीक नहीं। इसके लिए टाइमिंग तय करना चाहिए। सड़क की सफाई नहीं होगी तो कचरा आसपास फैलेगा। जो संक्रमण को आमंत्रण देगा। इसलिए सफाई जरूरी है।

डेंगू भी सफाई से जुड़ा विषय

भिलाई में डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज टाउनशिप के सेक्टर से मिले। अब भी मरीज मिल रहे हैं। बुधवार को हुडको और इंटरनेशनल कॉलोनी तालपुरी से मरीज मिले। बावजूद बीएसपी का फायनेंस डिपार्टमेंट बारिश के दिनों में सफाई नहीं करने का तर्क दे रहा है। हालांकि निगम ने बीएसपी को कह दिया है कि निगम क्षेत्र में प्रॉपर सफाई हो रही है।

बीएसपी को हेल्थ आॅफिसर ने जवाब दे दिया है...


निगम का जवाब मिलते ही हल हो गया झाड़ू विवाद...


इधर... विवाद के बाद निगम से सवाल- आप लोग क्या करते हैं...

निगम 24 करोड़ करेगा खर्च

इधर, भिलाई निगम में सफाई के ठेके पर कल सामान्य सभा में होगी बहस

डेंगू का कहर बढ़ने के बाद भिलाई में सफाई का ठेका होगा। इसके लिए 14 सितंबर को भिलाई निगम में सामान्य सभा की बैठक बुलाई गई है। सामान्य सभा में सफाई के ठेके के अलावा गौरवपथ निर्माण का विषय भी है। जिस पर सदन एक बार फिर गरमाएगा। चेयरमैन लक्ष्मीपति राजू कहते हैं, चर्चा उपरांत सामान्य सभा फैसला करेगी।

दो साल से निगम नहीं कर सका सफाई ठेका

शहर की सफाई का ठेका पिछले दो साल से नहीं हुआ है। कलेक्टर दर पर सफाई का कार्य किया जा रहा है। इससे व्यवस्था काफी चौपट भी हुई है। कई पार्षदों का कहना है कि सफाई का ठेका नहीं हुआ, इसीलिए शहर में डेंगू का प्रकोप फैला। इस साल ठेके नहीं होने से 7 करोड़ रुपए बचाया है।

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