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जेल से ही गैंगस्टर कर रहा था वसूली, व्यापारी को फोन पर दी धमकी, मामला दर्ज

माडल टाउन के फ्लोर मिल व्यापारी ने मोहन नगर थाने में गैंगस्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 11:14 AM IST
गैंगस्टर तपन सरकार की फाइल फोट गैंगस्टर तपन सरकार की फाइल फोट

भिलाई। गैंगस्टर तपन सरकार पर जेल वसूली से ही फोन कर वसूली करने का एक और मामला उजागर हुआ है। माडल टाउन के फ्लोर मिल व्यापारी नीरज अग्रवाल ने मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि उसके बिजनेस पार्टनर रहे ज्ञानचंद गैंगस्टर के साथ मिलकर उससे पैसे उगाही के लगातार फोन पर धमकी दिलवा रहा है। पुलिस जांच में उजागर हुए तपन के कारनामों के बाद उसे दुर्ग जेल से अंबिकापुर में शिफ्ट किया गया था।

- भिलाई के व्यापारी नीरज अग्रवाल उसका कहना है कि उसने ज्ञानचंद से 85 लाख ब्याज पर लिए थे, लेकिन पिछले 5 साल के अंदर दोगुने से ज्यादा पैसा वापस करने पर भी उसका मूल खत्म नहीं हुआ। बाद में तपन से फोन कराकर और पैसे की मांग कर रहा है। पुलिस ने बताया कि, नीरज अग्रवाल ने तपन सरकार और उसके बिजनेस पार्टनर रहे ज्ञानचंद जैन व उसके बेटे सोहन जैन और अंकित जैन के खिलाफ मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। तपन उसे जेल से ही फोन करके धमकी दे रहा था।

बेटे को अगवा कर मारने की दे रहा था धमकी

- व्यापारी ने पुलिस को बताया है कि, इतनी रकम पहुंचने के बाद भी जब उसके पैसे की पूर्ति नहीं हुई तो उसने रकम वापसी के लिए आनाकानी शुरू दी। इस पर ज्ञानचंद के दोनों बेटे सोहन जैन और अंकित जैन गैंगस्टर तपन का नाम लेकर उसे धमकाने लगे। इस बीच उन्होंने कई बार फोन से तपन सरकार से बात भी कराई। इसी बीच तपन का सीधे उसके नंबरों पर फोन आना शुरू हो गया। व्यापारी ने बताया कि तपन रकम न देने पर उसके बच्चे उठवाने और उनकी हत्या करने धमकी देता था।

व्यापारी शिकायत करने सीधे आईजी के पास गया तब रिपोर्ट दर्ज हुई
- गैंगस्टर की धमकी व्यापारी नीरज अग्रवाल इतना डर गया कि उसने आईजी जीपी सिंह के पास शिकायत में अपने पार्टनर का जिक्र किया, लेकिन तपन का सीधे-सीधे नाम नहीं लिया। जब पुलिस अधिकारी ने उसकी सुरक्षा और संरक्षण का भरोसा दिया। तब मोहन नगर थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई। इस पुलिस ज्ञानचंद और उसके दोनों बेटों समेत तपन सरकार के खिलाफ 384,506,507 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है।


इधर, तपन के गुर्गे राजन विश्वकर्मा को मिली जमानत
- गैंगस्टर तपन सरकार की जेल से जमीन की खरीद फरोख्त के मामले में चल रही कार्रवाई के दौरान पकड़े गए गुर्गे राजन विश्वकर्मा को गुरुवार को जमानत मिल गई है। आरोपी राजन को खुर्सीपार पुलिस ने धारदार हथियार के साथ पकड़ा था। राजन पूर्व में भी हत्या और बलवा के मामलों में जेल जा चुका है। जमानत आवेदन जेएमएफसी बलराम देवांगन की अदालत में अधिवक्ता शब्बीर अहमद ने पेश किया था। जिस पर जमानत स्वीकृत करते हुए जज बलराम देवांगन ने 7 हजार रुपए का पट्टा पेश करने का आदेश दिया है। राजन महादेव हत्याकांड के आरोपी हिस्ट्रीशीटर गोविंद विश्वकर्मा का बेटा है।

तपन के शिफ्टिंग आदेश को दबा दिया गया था

- सूत्रों ने बताया कि तीन अप्रैल 2018 को ही तपन सरकार को दुर्ग से अंबिकापुर जेल शिफ्ट करने का आदेश आ गया था, लेकिन महादेव हत्याकांड के मुख्य आरोपी तपन सरकार की सांठगांठ से खूब फलफूल रहे जेल प्रबंधन के अधिकारी आदेश को दबाकर बैठ गए। इस बीच पद्मनाभपुर के जमीन व्यापारी ने दुर्ग कोतवाली और सुपेला थाने में तपन और उसके गुर्गों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया। आईजी जीपी सिंह ने एसआईटी गठन कर जांच में जेल प्रबंधन और गैंगस्टर तपन की सेटिंग उजागर की थी। तूल पकड़ते ही जेल मुख्यालय ने उसके रिलीविंग के आदेश जारी कर दिए।


तपन को डायरिया न हो इसलिए दुर्ग जेल से निकाला नहीं
- डीआईजी जेल केके गुप्ता ने कहा, अंबिकापुर जेल में अप्रैल महीने के दौरान कैदियों में डायरिया की महामारी फैल गई थी। इसके चलते करीब 350 कैदी व हवालाती बीमार पड़ गए थे। उस दौरान तीन कैदियों की मौत भी हो गई थी और 9 कैदियों का अभी भी मेकाहारा में इलाज चल रहा था। इसके चलते प्रदेशभर की जेलों से अंबिकापुर जेल में शिफ्ट होने वाले प्रत्येक कैदी के ट्रांसफर को अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी थी। माहौल शांत होने पर उसके रिलीविंग ऑर्डर जारी किए गए हैं। जानकारों का कहना था कि अंबिकापुर जेल में दिक्कत थी तो उसे किसी ओर जेल में शिफ्ट किया जा सकता था।

तपन की ज्यादती से पीड़ित हैं तो पुलिस के पास आएं
- गैंगस्टर तपन की शिकायत लेकर नीरज अग्रवाल नाम का एक व्यक्ति उनके पास आया था। वह डरा-सहमा था। लेकिन पुलिस ने उसे ढांढस बंधवाकर थाने में शिकायत ली है। अगर कोई और भी पीड़ित के साथ तपन ने ज्यादती की तो वो बेझिझक आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। जीपी सिंह, आईजी दुर्ग रेंज