Hindi News »Chhatisgarh »Durg Bhilai» मस्जिदों में नमाज अदा की, कब्रिस्तानों में मांगी दुआ, इंसानियत का दिया पैगाम

मस्जिदों में नमाज अदा की, कब्रिस्तानों में मांगी दुआ, इंसानियत का दिया पैगाम

कम्युनिटी रिपोर्टर | दुर्ग-भिलाई शबे बरात के मौके पर दुर्ग, भिलाई के सभी मस्जिदों में तकरीर हुई। नातिया कलाम पेश...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 02:15 AM IST

  • मस्जिदों में नमाज अदा की, कब्रिस्तानों में मांगी दुआ, इंसानियत का दिया पैगाम
    +1और स्लाइड देखें
    कम्युनिटी रिपोर्टर | दुर्ग-भिलाई

    शबे बरात के मौके पर दुर्ग, भिलाई के सभी मस्जिदों में तकरीर हुई। नातिया कलाम पेश किए गए। नमाज पढ़ने के बाद कुरान पाक की तिलावत की गई। रात भर कब्रिस्तान में मरहूमों की कब्र पर फातिहा पढ़कर दुआ मांगने का सिलसिला जारी रहा। कब्रिस्तान में मुस्लिम समाज के लोगों ने कब्रों पर फातिहा पढ़कर मरहूमों के लिए दुआएं की।

    भिलाई के कैंप-1 स्थित मुस्लिम कब्रिस्तान में तकरीर का कार्यक्रम रखा गया। यहां किछौछा शरीफ से कायदे मिल्लत हजरत सैयद मेहमूद अशरफ ने मुसलमान भाइयों को गुनाहों से बचकर अमन से जीने का संदेश दिया। सैयद मेहमूद ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद ने पूरी दुनिया को अमन, चैन से जीने और इंसानियत का पैगाम दिया है। उन्होंने कहा कि कुरान में किसी का भी दिल न दुखाने की नसीहतें बार-बार दी गई हैं। मुसलमान रोज नमाज पढ़कर अल्लाह की इबादत करते रहें।

    इबादत की रात: हाफिज अब्दुल वहीद और मौलाना कलीम अशरफी ने बताया कि यह इबादत की रात है। हर साल शबे बरात के मौके पर मुसलमान इबादत करते हुए अपनी गलतियों और गुनाहों की माफी मांगते हैं। कोई गुनाह किया गया है तो अल्लाह से माफी मांगकर दोबारा गलती न करने का वादा करते हैं।

    सुबह से रात तक चलता रहा दुआ मांगने का दौर

    शबे बरात के मौके पर कब्रिस्तान इंतेजामिया कमेटी की ओर से सुबह 8 बजे से आयोजन रखे गए। इससे पहले कब्रिस्तान की साफ-सफाई, रंग रोगन समेत प्रकाश व्यवस्था की गई थी। मंगलवार सुबह से यहां सामूहिक दुआ का सिलसिला तकरीर के पहले तक चलता रहा। इस साल वशीम अख्तर नागपुरी नोमान रजा भिलाई में कलाम पढ़ने के लिए मौजूद रहे।

    वाट्सअप पर एक हफ्ते से माफी नामा वायरल

    शबे बरात के मौके पर मुसलमान एक-दूसरे से पहले की गई गलतियों के लिए माफी मांगते हैं। इस्लाम धर्म के अनुसार शबे बरात या इससे पहले माफी मांगी जाती है। मंगलवार को शबे बरात से एक हफ्ते पहले से वाट्सअप पर माफी नामे के मैसेज वायरल होते रहे। मुस्लिम समाज के लोग माफी नामे के संदेश देकर माफी मांगते रहे।

  • मस्जिदों में नमाज अदा की, कब्रिस्तानों में मांगी दुआ, इंसानियत का दिया पैगाम
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Durg Bhilai

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×