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बदलें उच्च शिक्षा पद्धति, ताकि जॉब व पैकेज सर्चर नहीं, नौकरी देने वाले युवा हो सकें तैयार

हेमचंद यादव दुर्ग विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शैलेंद्र सराफ ने कहा कि हमें नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि स्वरोजगार...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 14, 2018, 02:15 AM IST

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    हेमचंद यादव दुर्ग विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शैलेंद्र सराफ ने कहा कि हमें नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि स्वरोजगार स्थापित करने वाले युवाओं की फौज तैयार करना है, ताकि वह अपने साथ समाज के लिए भी उपयोगी साबित हो सके। युवाओं में बौद्धिक क्षमता विकसित करना होगा। शैक्षणिक गतिविधियों के साथ उनके क्रियात्मक, भावनात्मक और मानसिक विकास पर भी काम करना होगा। इससे उनके व्यक्तित्व में उच्च मानव मूल्यों की स्थापना हो सके और वे इसके लिए संकल्पित हो सकें। शिक्षा पद्धति को बदलें।

    कल्याण कॉलेज सेक्टर-7 में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर हुई कार्यशाला में उन्होंने कहा कि कोई भी युवा आज किसी संस्था में एडमिशन लेने जाता है तो सबसे पहले सोचता है कि उसे किसी अच्छी संस्था में नौकरी मिलेगी या नहीं। पैकेज कितना हो सकता है। अभिभावकों की भी सोच इसी तरह की है। सभी प्राध्यापकों को शिक्षा की गुणवत्ता की दिशा में काम करना होगा।

    ज्ञान प्रोडक्ट है, नौकरी और पैकेज बाई प्रोडक्ट:पहले छात्र नॉलेज लेने के लिए आते थे। फिर पढ़ाई का अभिप्राय नौकरी हो गया। अब बच्चे पैकेज खोजते हैं कि कितना मिलेगा। ऐसा नहीं होना चाहिए। ज्ञान प्रोडक्ट है। नौकरी और पैकेज उसके बाई प्रोडक्ट हैं। हमें नॉलेज लेने वाले बच्चे तैयार करने हैं। पढ़ाई को प्राइमरी, मिडिल, हाई और हायर स्टडी में बांट रखा है, लेकिन उसे कनेक्ट नहीं कर पाए।

    कल्याण कॉलेज में शिक्षा की गुणवत्ता पर हुई कार्यशाला।

    छात्र- छात्राएं हैं शिक्षकों की सारी उपलब्धियां

    उन्होंने कहा कि शिक्षक की सारी उपलब्धियां उनके विद्यार्थी ही होते हैं। उन्हें हम सिर्फ आर्थिक रूप से तैयार न करें बल्कि उनमें समाज के प्रति दायित्व की भावना विकसित करें। कार्यक्रम में संस्था के प्राचार्य डॉ. एआर वर्मा, उप प्राचार्य डॉ. वाईआर कटरे, डॉ. मणिमेखला शुक्ला, डॉ. आरपी अग्रवाल, डॉ. एनएस बघेल, डॉ. एसएन द्विवेदी, डॉ. आरके साहू, डॉ. एस पुरकर, डॉ. डीएन शर्मा, डॉ. पीएस शर्मा आदि उपस्थित थे।

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