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नेशनल एजेंडा में रोजगार को दें प्राथमिकता यह है उनके जीवन से जुड़ा हुआ जरूरी मुद्दा / नेशनल एजेंडा में रोजगार को दें प्राथमिकता यह है उनके जीवन से जुड़ा हुआ जरूरी मुद्दा

Durg Bhilai News - महात्मा गांधी के 150 वीं जयंती के अवसर पर इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई पैक) की नेशनल एजेंडा फोरम (एनएएफ) की भिलाई...

Bhaskar News Network

Aug 08, 2018, 02:20 AM IST
नेशनल एजेंडा में रोजगार को दें प्राथमिकता यह है उनके जीवन से जुड़ा हुआ जरूरी मुद्दा
महात्मा गांधी के 150 वीं जयंती के अवसर पर इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई पैक) की नेशनल एजेंडा फोरम (एनएएफ) की भिलाई महिला महाविद्यालय में हुई कार्यशाला में विद्यार्थियों ने कहा कि नेशलन एजेंडा में रोजगार का एजेंडा प्राथमिक रूप से शामिल किया जाए। यह उनके जीवन से जुड़ा सबसे जरूरी मुद्दा है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

फोरम के अंतर्गत 50 पार्ट टाइम एसोसिएट्स की ओर से हुए आउट रिच कार्यक्रम में महात्मा गांधी के 18 रचनात्मक सूत्रीय कार्यक्रमों पर चर्चा के दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि युवाओं के सामने पढ़ लिखकर निकलने के बाद सबसे पहले रोजगार की ही समस्या सामने आती है। पढ़ने के बाद मातापिता की भी इच्छा रहती है कि उनकी संतान को रोजगार मिल जाए। कार्यक्रम में 250 से अधिक छात्राएं हुईं शामिल। वक्ताओें ने उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।

महिला महाविद्यालय सेक्टर-9 भिलाई में आउट रिच विषय पर हुई कार्यशाला।

राष्ट्रपिता के बताए सिद्धातों, नीतियों को फिर से युवाओं के सामने रख रहे

संस्था की अनमोल जैन ने बताया कि राष्ट्रपिता को उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देने के लिए एनएएफ का गठन किया गया। इसके माध्यम से महात्मा गांधी के 18 सूत्रीय कार्यक्रम में चर्चा करना है और उसे पुनर्जीवित करना है। इससे युवाओं को राष्ट्रपिता के देश की नई पीढ़ी के प्रति सोच को सामने रखा जाएगा। देश की प्राथमिकताओं को फिर से तय कर उसके क्रियान्वयन के योग्य एजेंडा तैयार कर सकें और बाद में उस पर काम कर सकें।

जानिए... वो 18 सूत्रीय रचनात्कम कार्यक्रम जिससे युवा जुड़ रहे

खादी, गांवों में साफ-सफाई, स्वास्थ्य, युवा शक्ति संगठित करना, किसान, राष्ट्र भाषा, आर्थिक समानता, श्रमिकों, अस्पृश्यता, सामाजिक सौहार्द्र, प्रौढ़ शिक्षा, देश की औरतें, दिव्यांगों की सेवाएं, शराब बंदी, आधारभूत शिक्षा, आदिवासियों का उत्थान इन मुद्दों को फिर से उठाने के लिए और राष्ट्रीय मुद्दों मे इसे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे महात्मा गांधी के सपनों को और उनकी बताई बातों को फिर से युवाओं के बीच लाया जा रहा है।

21 राज्यों के 750 कालेजों को जोड़ने का है लक्ष्य

संस्था का देश के 21 राज्यों के 750 कॉलेजों के विद्यार्थियों और 320 सामाजिक संस्थाओं से जुडऩे का लक्ष्य है। यह काम दो सप्ताह के भीतर किया जाएगा। छात्रों और युवाओं की यह टोली युवाओं को राजनीति और प्रशासन में अर्थपूर्ण भागीदारी का अवसर प्रदान कर रहा है। www.indianpac/naf पर लॉग इन कर एनएएफ का हिस्सा बन सकते हैं। अपडेट्स के लिए ट्विटर हैंडल https://twitter.com/IndianPAC देख सकते हैं।

यूनेस्को का भी है समर्थन

जैन ने बताया कि इस कार्यक्रम को यूनेस्को ने समर्थन दिया है। एमजीआईईपी ने गांधी के 18-सूत्रीय रचनात्मक कार्यक्रम पर आधारित काम और जनता के एजेंडे को तय करने, सतत विकास एवं शांति का प्रसार करने के लिए संस्था के कार्यों की सराहना की है। इस तरह के काम करते रहने के लिए भी कहा है।

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नेशनल एजेंडा में रोजगार को दें प्राथमिकता यह है उनके जीवन से जुड़ा हुआ जरूरी मुद्दा
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