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मानवीय जीवन पर आधारित हो विकास : इंदुमति काटदरे

सीएसवीटीयू में हुई मानव मूल्य स्थआपनिा और भारत की एकता पर कार्यशाला। सिटी रिपोर्टर | भिलाई पुनरुत्थान...

Dainik Bhaskar

Aug 08, 2018, 02:20 AM IST
सीएसवीटीयू में हुई मानव मूल्य स्थआपनिा और भारत की एकता पर कार्यशाला।

सिटी रिपोर्टर | भिलाई

पुनरुत्थान विद्यापीठ गुजरात की कुलपति इंदुमति काटदरे ने कहा कि विकास मानव जीवन पर आधारित हो, न कि मानवता के विपरीत। मानव के लिए प्रकृति है न कि प्रकृति के लिए मानव। इस बात को समझना होगा। इन दिनों जीवन से मानव मूल्य घटते जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण है कि विकास मानव जीवन पर आधारित नहीं है, बल्कि मानव मूल्य और मानवता के विपरीत हो गया है।

छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई में स्वीकृत प्रोजेक्ट टीक्विप थर्ड के अंतर्गत मानव मूल्य की स्थापना और भारत की एकता एवं अखंडता विषय पर हुए व्याख्यान में उन्होंने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाने में मानव ही श्रेष्ठ प्राणी है। उन्होंने शिक्षा को भारतीय समाज और सनातन से चली आ रही प्रणाली के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता बताई | शिक्षा के साथ नीति, मानव मूल्य, मानव धर्म होना चाहिए।

पर्यावरण को संतुलित बनाए रखना है जरूरी

उन्होंने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण पर भी ध्यान दें। उसके साथ आत्मीयता पूर्वक व्यवहार करें। कांक्रीटीकरण के बढ़ते जाल में जंगलों की हो रही कटाई पर विशेष ध्यान दें, ताकि पर्यावरण का संतुलन बना रहे। मशीनीकरण में मानव श्रम का अवमूल्यन हो रहा है, इस बात का भी ध्यान रखें, ताकि मशीनीकरण के साथ लोगों को काम भी मिल सके।

ऐसा काम करें, जिससे प्रकृति को लाभ हो

छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा के कुलपति डॉ. एनपी दक्षिणकर ने कहा कि ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे प्रकृति को नुकसान हो। पर्यावरण का संतुलन बिगड़े। कार्यक्रम को बृजमोहन देव कौशल, सीएसवीटीयू के कुलसचिव डीएन सिरसांत, ओएसडी ऊषा जैन, समन्वयक एडी पाटिल आदि ने भी संबोधित किया।

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