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24 घंटे में डेंगू के 55 नए मरीज, टाउनशिप के बाद कैंप व खुर्सीपार में बढ़ रहा कहर

जानिए, किस सरकारी अस्पताल में मरीज 200 15-20 डेंगू के मरीज दुर्ग के जिला अस्पताल और दुर्ग में।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 09, 2018, 02:20 AM IST

  • 24 घंटे में डेंगू के 55 नए मरीज, टाउनशिप के बाद कैंप व खुर्सीपार में बढ़ रहा कहर
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    जानिए, किस सरकारी अस्पताल में मरीज

    200

    15-20

    डेंगू के मरीज दुर्ग के जिला अस्पताल और दुर्ग में।

    अस्पतालों में इस तरह देखने को मिल रहे नजारे

    चलाे मम्मी यहां से चलो, यहां कुछ भी नहीं होगा, प्राइवेट अस्पताल में ही चलो।

    मेरे बच्चे को बहुत बुखार है, सर प्लीज, भीड़ भी बहुत है, इमरजेंसी है सर, प्लीज।

    यहां सभी मरीजों की इमरजेंसी है, हम भी कुछ नहीं कर सकते, जाओ बड़े अस्पताल।

    रिक्वेस्ट करने पर भी डाॅक्टर डेंगू की जांच नहीं लिख रहे, मलेरिया जांच रहे।

    से ज्यादा डेंगू के मरीज सेक्टर-9 अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।

    08

    मरीज मात्र खुर्सीपार के पीएचसी में करा रहे अपना इलाज।

    स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डेंगू को रोकने के लिए गंभीर हो गए हैं, 5 मौत के बाद बुधवार को लालबहादुर शास्त्री अस्पताल जाने वाले मरीजों के भी, प्लेटलेट की जांच का इंतजाम कर दिया है। वहीं 3 निजी पैथोलॉजी लैब से विभाग ने जांच के लिए करार किया

    00

    डेंगू के मरीज सुपेला, टंकी मरोदा, बैकुंठधाम में भर्ती हैं।

    सुपेला अस्पताल आने वाले हर मरीज को किया रेफर

    राहूल

    बुधवार को डेंगू पीड़ितों की प्लेटलेट्स जांच के बाद सुपेला अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

    47 मरीज बुधवार को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचे थे उपचार के लिए, सभी को दूसरे अस्पताल भेज दिए

    मेडिसिन व शिशु रोग विशेषज्ञ के डॉक्टर देने पर अब तक कोई चर्चा नहीं

    बच्चों में डेंगू का प्रकोप सबसे ज्यादा होने से आम आदमी को भले यह समझ में आ गया हो कि बच्चों का डॉक्टर ही बेहतर इलाज कर सकता है, लेकिन यह बात अब तक न तो स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को समझ में आई है, न ही डेंगू रोकथाम के लिए बनी कमेटी के सदस्यों को। सुपेला के लालबहादुर शास्त्री अस्पताल में तो बच्चों के डॉक्टर के साथ ही मेडिसिन के डाक्टर की भी किल्लत है।

    जानिए डेंगू रोकने के लिए प्रशासन ने कब-कब क्या किया...

    1 अगस्त को खुर्सीपार में पहली मौत के बाद जांच व इलाज के लिए चिह्नित किए गए भिलाई के 4 अस्पताल।

    3 अगस्त को दूसरी मौत के बाद बापू नगर व खुर्सीपार के अस्पताल में पहुंचाई गई डेंगू जांच की किट।

    5 अगस्त को खुर्सीपार में ही तीसरी मौत, बापू नगर व छावनी के अस्पताल में ब्लड जांच के लिए कर्मचारी नहीं।

    6 अगस्त को आजाद नगर में चौथी मौत, चारों में से किसी भी अस्पताल में प्लेटलेट जांच सुविधा नहीं।

    7 को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल से कुछ ही दूरी पर पांचवीं मौत, किट रहते हुए डेंगू की जांच नहीं।

    5 मौतों के बाद आठ अगस्त को प्लेट काउंट करने के लिए निजी पैथालॉजी सेंटरों से समझौता, अब जांच शुरू।

    के नंदी

    केनरमा

    इधर, निगम ने जहां डेंगू से मौत हुई, उन इलाकों में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाना शुरू किया

    शहर के निजी नर्सिंग होम्स को वार्ड वार इलाज की दी जाएगी जिम्मेदारी

    डेंगू रोकथाम के लिए अब जिला प्रशासन कमर कस लिया है। इसके लिए अब तक किए गए ढेर सारे इंतजामों में उसने बुधवार को करीब दो दर्जन निजी अस्पतालों को नई जिम्मेदारी देने का खाका खींचा है। इन अस्पतालों को अब वार्ड वार डेंगू मरीजों की जांच व इलाज की जिम्मेवारी दी जा सकती है। फिलहाल ये सभी अस्पताल डेंगू की जांच व इलाज मुफ्त करेंगे यह तय नहीं है।

    रितिका

    मेयर पहुंचे सुपेला अस्पताल, बोले- रेफर की बजाय करें प्रॉपर जांच, नहींं मिले शिकायत

    डेंगू के मरीजों को शासकीय लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल से जिला अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा है। इसकी शिकायत पर मेयर देवेंद्र यादव सुपेला अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों से मुलाकात की और डेंगू और संदिग्ध मरीजों की प्रॉपर जांच कर उपचार करने के निर्देश दिए। यादव ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजा जा रहा है। मेयर यादव को डॉक्टर ने बताया कि डेंगू टेस्ट किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। जिस पर मेयर यादव ने कलेक्टर को पत्र लिख उक्त मामले की जानकारी दी एवं जल्द कार्यवाही करने की मांग की।

    मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग

    ग्रामीण जिला कांग्रेस ने कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन मंें बताया डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है ज्ञापन में हर मृत व्यक्ति के परिवार को मुआवजे में एक करोड़ रुपए की मदद दिए जाने की मांग की गई। साथ ही लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की गई।

    मेयर व उनकी काउंसिल के खिलाफ दर्ज हो एफआईआर

    डेंगू के रोकथाम और मेयर समेत उनकी एमआईसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई व एफआईआर की मांग को लेकर जिला भिलाई भाजपा का प्रतिनिधिमंडल और एल्डरमेन व भाजपा पार्षदों ने निगम आयुक्त केएल चौहान से मुलाकात की। भाजपाइयों ने आयुक्त को दिए ज्ञापन में कहा है कि, शहर में डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। तीन साल तक शहर की सफाई व्यवस्था के नाम पर शहर सरकार घोटाले को अंजाम देती रही।

    इधर शाम को कलेक्टर ने की सुपेला अस्पताल की सरप्राइज चेकिंग, आज से अभियान

    जिला अस्पताल में मरीजों से मिलने पहुंचे प्रताप मध्यानी

    डेंगू के मरीजों से मुलाकात करने बुधवार को छजका नेता प्रताप मध्यानी पहुंचे। उन्होंने मरीजों से चर्चा के बाद प्रशासन से बेहतर इलाज की मांग की। मध्यानी ने सिविल सर्जन केके जैन से भी चर्चा की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन, निगम की उदासीनता से यह समस्या सामने आई है।

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