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टेक्निकल प्लानिंग विभाग में सैप माड्यूल शुरू, विभागों में अब काम हो गया पेपरलेस

टेक्नीकल प्लानिंग एवं इंस्पेक्शन (इलेक्ट्रिकल) विभाग में एमपीसीसी-सैप माड्यूल ने काम करना शुरू कर दिया है। इस...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:30 AM IST
टेक्नीकल प्लानिंग एवं इंस्पेक्शन (इलेक्ट्रिकल) विभाग में एमपीसीसी-सैप माड्यूल ने काम करना शुरू कर दिया है। इस माड्यूल से टेक्नीकल स्पेसिफिकेशन कार्य को तैयार करना सरल हो गया है और टेक्नीकल स्पेसिफिकेशन के समान प्रारूप में इंट्री भी तेजी से संभव हो गई है।

अब मोटर क्लियरेंस के लिए बैठक की आवश्यकता नहीं है। अब बिना विलंब के ऑनलाइन क्लियरेंस भी संभव हुआ है। साथ ही एमपीसीसी की क्लियरेंस सीधे तौर से क्रय मांग (परचेस रिक्विजिशन) से जुड़ सकती है। इस माड्यूल का उद्घाटन बीएसपी के ईडी वर्क्स टीबी सिंह ने किया।

अब मोटर क्लियरेंस के लिए बैठक की आवश्यकता नहीं है, ऑनलाइन क्लियरेंस भी संभव

सैप माड्यूल का अफसरों के समक्ष प्रेजेंटेशन दिया गया।

इससे बचेगा कीमती समय : ईडी सिंह ने कहा कि इसमें कार्य करने का एकमात्र तरीका ऐसे स्वचालित माड्यूल को अधिक से अधिक कार्यान्वित करना है। जिससे कीमती समय और कार्मिक घंटे की बचत होगी। इस माड्यूल के उद्घाटन के दौरान टीपीआईई द्वारा उठाए गए अन्य अभिनव पहल पर भी प्रकाश डाला गया।

जवाबदेही कोड्स नहीं थे उपलब्ध

ज्ञात हो कि मौजूदा सीएमएमएस माड्यूल में विभिन्न सीमाएं थीं, जिसमें मॉडेक्स इकाइयों के लिए जवाबदेही कोड्स उपलब्ध नहीं थे तथा एमपीसीसी के लिए सीएमएमएस माड्यूल में ईआरएस से रिपोर्ट दिखाई नहीं दे रहे थे। इसके अलावा सीएमएमएस द्वारा आबंटित एमपीसीसी नंबर में शॉप एवं मोटर के प्रकार की आवश्यकता आदि का विवरण नहीं था।

100% ऑनलाइन वाला बना विभाग

मॉड्यूल का इस्तेमाल शुरू होने के बाद टीपीआईई 100 प्रतिशत पेपर रहित आईएमएस दस्तावेज के साथ 100 प्रतिशत ऑनलाइन आईएमएस सिस्टम विकसित करने के लिए बीएसपी का पहला विभाग बन गया है। यह सीएंडआईटी के सहयोग से पूरा किया है।