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डेंगू का खतरा, स्वास्थ्य अमला गलियों में उतरा पर सफाई सिस्टम सिर्फ 30 वार्डों में

भिलाई के बाद राजधानी में भी डेंगू का अलर्ट जारी कर दिया गया है। डेंगू के संदिग्ध भी बढ़ते जा रहे हैं। सरकारी के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 12, 2018, 03:10 AM IST

डेंगू का खतरा, स्वास्थ्य अमला गलियों में उतरा पर सफाई सिस्टम सिर्फ 30 वार्डों में
भिलाई के बाद राजधानी में भी डेंगू का अलर्ट जारी कर दिया गया है। डेंगू के संदिग्ध भी बढ़ते जा रहे हैं। सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट अस्पताल में सामान्य बुखार होने पर भी मरीज स्वास्थ्य विभाग की टीम गलियों और सड़कों पर उतर गई है। घर-घर दस्तक देकर लोगों को डेंगू के खतरे से सावधान किया जा रहा है, लेकिन सफाई सिस्टम भिलाई की तरह यहां भी ठप है। पूरे शहर में अब तक केवल 30 वार्डों में ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के तहत सफाई की जा रही है। बाकी 40 वार्डों में सिस्टम ठप है। डेंगू का खतरा बढ़ने के बाद भी सफाई का सिस्टम सुधारने कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इससे खतरा और बढ़ने के आसार हैं।

हालांकि निगम और सफाई का ठेका लेने वाली कंपनी के बीच जो अनुबंध हुआ है, उसके मुताबिक 1 जून से ही राजधानी के सभी 70 वार्डों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना था। निगम ने शहर की सफाई का ठेका भी इसी शर्त पर दिया था, लेकिन कंपनी ने उस पर अमल नहीं किया। कंपनी अभी भी केवल 30 वार्डों में ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के तहत सफाई कर रही है। इन वार्डों में 1 अप्रैल से सिस्टम चालू किया गया। उसी समय ये करार हुआ था कि कंपनी 30 वार्डों में प्रयोग के तौर पर सफाई का नया फार्मूला लागू करेगी। दो महीने के भीतर यानी 1 जून से वही फार्मूला पूरे शहर में लागू कर दिया जाएगा, लेकिन अगस्त का आधा महीना गुजरने के बाद भी कंपनी ने न तो सिस्टम लागू किया और न ही अफसरों ने कोई जवाब तलब किया। सफाई का ठेका लेने वाली कंपनी के प्रबंधक अफसरों की लापरवाही का फायदा उठा रहे हैं। उनकी ओर से शहर के बाकी बचे वार्डों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम से सफाई चालू करने काेई फैसला नहीं किया गया है।

निगम की ओर से सिस्टम को सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे

ये करना था सफाई के लिए

हर घर में सूखे और गीले कचरे के लिए दो बाल्टी देना।

लोगों को समझाना कि कचरे को उसी में इकट्ठा करें।

घर-घर दस्तक देकर कचरे का कलेक्शन करना।

कचरा इकट्ठा करने के बाद ट्रेचिंग ग्राउंड में डंप करना।

निगम अमले का काम नाले की सफाई कर कचरा कंपनी के कलेक्शन सेंटर तक पहुंचाना।

अभी ये हो रहा है शहर में

शहर के आधे से ज्यादा 40 वार्डों में पुराना सिस्टम।

न हर घर से कलेक्ट हो रहा न पहुंचा रहे ट्रेंचिंग ग्राउंड।

नालियों की एक-एक हफ्ते तक सफाई नहीं हो रही।

सिस्टम लागू नहीं हुआ, इसलिए कहीं भी फेंक रहे।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना है इसलिए जगह-जगह रखा कचरा बाक्स हटा दिया।

दुर्ग-भिलाई के मरीजों के लिए 5 बेड आरक्षित

दुर्ग-भिलाई के डेंगू के गंभीर मरीजों के लिए अंबेडकर अस्पताल की आईसीयू में पांच बेड आरक्षित रखा गया है। वहीं दुर्ग के चंदूलाल व भिलाई के शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में 100 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है। एम्स के डॉक्टरों को भी प्रभावित इलाकों में भेजा गया है। ये टीम लोगों को जागरुक कर रही है। डेंगू संबंधी कोई शिकायत होने पर टोल फ्री नंबर 104 पर शिकायत की जा सकती है।

रामनगर जैसी बस्तियों में जागरूकता अभियान

स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को राजधानी के रामनगर, भरतनगर व डीडीनगर की झुग्गी बस्ती में लोगों को जागरुक करने कला जत्था दल को भेजा। दल के कलाकारों ने नुक्कड़-नाटक कर लोगों को जागरुक किया। बातों ही बातों में कूलर, टायर में जमा साफ पानी को खाली करने की नसीहत दी।

जमा पानी में जले आइल व मिट्टी तेल डालने को कहा गया। बर्तन व टंकियों को साफ रखने की सलाह दी गई।

तेज बुखार के साथ सिरदर्द, जी मिचलाने व उल्टी होने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज कराने की सलाह दी गई।

जोन छह के कुछ वार्डों में कंपनी ने काम शुरू किया है। प्रयोग के तौर पर यहां काम किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि धीरे-धीरे पूरा काम व्यवस्थित हो। 30 वार्डों में शिकायतें अब कम है। यहां व्यवस्था बनाने के बाद ही अन्य वार्डों में काम शुरू किया गया है। आशीष टिकरिहा, अपर आयुक्त निगम

सफाई न होने पर एेसे कर सकते हंै शिकायत

निगम का स्वच्छता एप डाउनलोड करना है। एप डाउनलोड करने के लिए मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर स्वच्छता एप लिखना है। उसे क्लिक करने पर स्वच्छता का एप खुलेगा साथ ही उसे इंस्टॉल करने का विकल्प आएगा। इंस्टॉल करने पर स्वच्छता का एप ओपन करने का विकल्प स्क्रीन पर नजर जाएगा। उसके बाद भाषा का विकल्प मोबाइल की स्क्रीन पर मांगा जाएगा। किसी भी एक भाषा का चयन करते हुए उसे क्लिक करने पर मोबाइल नंबर का ऑप्शन मांगा जाएगा। मोबाइल नंबर टाइप करते ही एक ब्लू रंग की पट्टी में शुरू करें, ऐसा लिखा हुआ नजर आएगा। उसे क्लिक करते ही फिर स्क्रीन पर अलाउ और डिनाय का आप्शन आएगा। उसमें अलाव को क्लिक करने पर मोबाइल पर ओटीपी कोड मांगा जाएगा। उसे वहीं नजर आए रहे बाक्स में लिखने के बाद क्लिक करते ही लोकेशन मांगा जाएगा। लोकेशन में रायपुर छत्तीसगढ़ इंडिया लिखना होगा। उसके बाद क्लिक करते ही लोकेशन वेरीफाई होगा। उसके बाद शिकायत लिखने का विकल्प मिलेगा। शिकायत लिखते ही कैमरे का ऑप्शन नजर आएगा। उसके बाद फोटो खींचते ही स्क्रीन पर ये पूछेगा कि फोटो किस चीज की है। उदाहरण के तौर पर गंदगी की है या न मृत मवेशी की अथवा किसी और चीज की। उसका विकल्प क्लिक करने के बाद लैंड मार्क का विकल्प मांगा जाएगा। उसमें गली, स्ट्रीट का पूरा ब्योरा देना होगा। ऐसा करते ही कंप्लेंट रजिस्टर्ड हो जाएगी।

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