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लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार की जीत का आधार विधानसभा के नतीजे ही देंगे

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दिल्ली दौरे के तीसरे दिन प्रदेश के सांसदों के साथ बैठक की। इसमें कांग्रेस और भाजपा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 09, 2018, 03:10 AM IST

लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार की जीत का आधार विधानसभा के नतीजे ही देंगे
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दिल्ली दौरे के तीसरे दिन प्रदेश के सांसदों के साथ बैठक की। इसमें कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के सांसद शामिल थे। सांसदों से उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को लेकर बातचीत की। साथ ही प्रदेश की लंबित योजनाओं के बारे में भी रायशुमारी की। सीएम के साथ इस डिनर में शामिल होने वालों में कांग्रेस सांसद मोतीलाल वोरा और ताम्रध्वज साहू भी थे। डिनर के बाद भाजपा सांसदों की बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह शामिल हुए। डॉ. सिंह ने सांसदों से कहा कि अपने संसदीय क्षेत्र में अभी से ही सक्रिय हो जाएं। वरिष्ठ नेताओं ने माना कि विधानसभा चुनाव में अब बहुत वक्त कम और चुनौतियां ज्यादा हैं। कहा गया कि लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार की जीत का आधार विधानसभा चुनाव के नतीजे ही देंगे, लिहाजा इसे लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच पहुंचें। उधर, मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री पीयूष गोयल और इस्पात मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह के साथ बैठक में राज्य में रेल नेटवर्क और यात्री सुविधाओं के विकास और इस्पात से संबंधित कई प्रस्ताव मंजूर करा लिए। गोयल ने 17 रेलवे ओवरब्रिज और रेलवे अंडरब्रिज बनाने की सहमति दे दी।

दुर्ग-कटघोरा-मुंगेली-कवर्धा-डोंगरगढ रेल लाइन को जल्द स्वीकृति देने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्ग, रायगढ़, कोरबा, पेंड्रारोड, डोंगरगढ़, भिलाई तथा अंबिकापुर रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास पर भी सहमति दे दी। बीकानेर-बिलासपुर ट्रेन को दुर्ग तक बढ़ाने तथा विशाखापट्टनम-जगदलपुर स्पेशल किराया ट्रेन को सामान्य किराये की तरह नियमित ट्रेन के रूप में चलाने की भी स्वीकृति दी।

छत्तीसगढ़ सदन के बिल पर सांसदों की नाराजगी

छत्तीसगढ़ सदन में ठहरने वाले सांसद वहां रुकने पर थमाए जाने वाले बिल को लेकर नाराज हैं। सांसदों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से कहा कि बिल या तो राज्य सरकार वहन करे या फिर लोकसभा या राज्यसभा सचिवालय। छत्तीसगढ़ भवन में रुकने पर सांसदों को 50 हजार से लेकर 4 लाख रुपए तक के अलग-अलग बिल दिए गए हैं।

एक सांसद ने कहा, वे सब अनुमति लेकर ठहरते हैं और जब खाली करते हैं तो बता देते हैं। हमें लंबे समय बाद बिल देने का औचित्य क्या है? राज्यसभा सांसद मोतीलाल वोरा ने सीएम से शिकायत करते हुए इसका समाधान ढूंढे जाने की वकालत की, जिस पर सभी सांसदों ने सहमति जताई।

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